जनजातीय समाज का योगदान अतुलनीय : मुख्यमंत्री

जयपुर, 16 मार्च । मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान की विकास यात्रा में जनजातीय समाज का योगदान अतुलनीय रहा है। उनकी समृद्ध परंपराएं, विशिष्ट संस्कृति और प्रकृति से गहरा जुड़ाव प्रदेश की पहचान हैं। राज्य सरकार जनजातीय समाज के कल्याण और विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री सोमवार को डूंगरपुर जिले में स्थित बेणेश्वर धाम में जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर आयोजित जनसभा को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, सलूंबर और सिरोही जिलों में 1,902 करोड़ रुपये की लागत के 326 विकास कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बेणेश्वर धाम आदिवासी आस्था का प्रमुख केंद्र है और राज्य सरकार इसके सौंदर्यीकरण तथा सर्वांगीण विकास के लिए कार्य करेगी। इसके लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) भी तैयार की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिथोरा चित्रकला, बांस की बुनाई, मिट्टी के बर्तन और लकड़ी की नक्काशी जैसी जनजातीय हस्तशिल्प कलाएं समाज के स्वाभिमान की अभिव्यक्ति हैं। सरकार इन कलाओं को प्रोत्साहन देने और कलाकारों को उचित मूल्य दिलाने के लिए प्रयासरत है।

उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा को याद करते हुए कहा कि उन्होंने अंग्रेजों के शोषण के खिलाफ संघर्ष का नेतृत्व किया था।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने जनजातीय समाज के उत्थान के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। छात्रावासों में मैस भत्ता 2,500 से बढ़ाकर 3,250 रुपये प्रति माह किया गया है। कक्षा 10 और 12 में 80 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले जनजातीय विद्यार्थियों को प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। इसके साथ ही 244 नए मां-बाड़ी केंद्र खोले गए हैं तथा जनजातीय किसानों को मुफ्त संकर मक्का बीज और मिनीकिट वितरित किए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि प्रदेश के आठ जिलों में 530 वन धन विकास केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिससे डेढ़ लाख से अधिक महिलाओं को लाभ मिल रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों को जोड़ते हुए 100 करोड़ रुपये की लागत से ट्राइबल टूरिस्ट सर्किट विकसित किया जाएगा। इसमें त्रिपुरा सुंदरी, मानगढ़ धाम, बेणेश्वर धाम, सीतामाता अभ्यारण्य, ऋषभदेव, गौतमेश्वर मंदिर और मातृकुंडिया जैसे स्थल शामिल होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वनों में रहने वाले जनजातीय लोगों को व्यक्तिगत और सामुदायिक वन अधिकार पट्टे दिलाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। साथ ही इन पट्टों की राजस्व रिकॉर्ड में प्रविष्टि सुनिश्चित की जाएगी, जिससे लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं और बैंक ऋण का लाभ मिल सके।

कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में हो रहे विकास कार्यों का भी उल्लेख किया गया। इस अवसर पर जनजातीय क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी, राजस्व मंत्री हेमंत मीणा सहित कई जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विकास प्रदर्शनी का अवलोकन किया, योजनाओं के लाभार्थियों से संवाद किया तथा बालिकाओं को स्कूटी और लखपति दीदी योजना की लाभार्थियों को सांकेतिक चेक व टैबलेट भी वितरित किए।