निर्वाचन आयोग ने राष्ट्रपति को सौंपे चुनाव परिणाम, नेपाल में सरकार गठन की औपचारिक प्रक्रिया शुरू

काठमांडू, 19 मार्च । निर्वाचन आयोग ने नेपाल में 5 मार्च को हुए प्रतिनिधि सभा चुनाव के अंतिम परिणाम आधिकारिक रूप से गुरुवार को राष्ट्रपति रामचन्द्र पौडेल को सौंप दिए। इसके साथ ही देश में नई सरकार के गठन का रास्ता साफ हो गया है। अब देश में औपचारिक रूप से सरकार गठन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।

अंतिम परिणामों के अनुसार 275 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा में राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी (आरएसपी) सबसे बड़ी शक्ति बनकर उभरी है और उसने 182 सीटें जीतकर लगभग दो-तिहाई बहुमत हासिल किया है। इनमें से 125 सदस्य प्रत्यक्ष निर्वाचन प्रणाली से और 57 सदस्य समानुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली से चुने गए हैं। नेपाली कांग्रेस को 38, सीपीएन-यूएमएल को 25, नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी को 17 सीटें मिली हैं। इसी तरह श्रम संस्कृति पार्टी ने 7 और राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी ने 5 सीटें जीती हैं, जबकि एक स्वतंत्र उम्मीदवार भी निर्वाचित हुआ है।

नेपाल के संविधान की धारा 76 के अनुसार प्रतिनिधि सभा में बहुमत रखने वाले दल के संसदीय दल के नेता को प्रधानमंत्री नियुक्त किया जाता है।आरएसपी ने अपने वरिष्ठ नेता बालेन्द्र शाह को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाकर चुनाव लड़ा था। संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार प्रधानमंत्री बनने के लिए व्यक्ति का प्रतिनिधि सभा का सदस्य और संसदीय दल का नेता होना आवश्यक है। पार्टी बालेन्द्र को संसदीय दल का नेता चुनने की तैयारी कर रही है।

चूंकि आरएसपी के पास अकेले ही लगभग दो-तिहाई बहुमत है, इसलिए संविधान की धारा 76(1) के तहत उसी पार्टी के संसदीय दल के नेता को प्रधानमंत्री नियुक्त किया जाएगा। संवैधानिक विशेषज्ञ खिमलाल देवकोटा के अनुसार सांसदों के शपथ लेने के बाद संसदीय दल का नेता चुना जाएगा और राष्ट्रपति बहुमत दल के नेता को प्रधानमंत्री नियुक्त करेंगे, जिसके बाद मंत्रिपरिषद का गठन होगा। यह संविधान लागू होने के बाद पहली बार होगा जब कोई एक दल स्पष्ट बहुमत के साथ अनुच्छेद 76(1) के तहत सरकार बनाएगा। यदि किसी दल को बहुमत नहीं मिलता, तो अनुच्छेद 76(2) के तहत गठबंधन सरकार बनानी पड़ती, लेकिन इस बार ऐसी स्थिति नहीं बनी।

संघीय संसद सचिवालय ने नवनिर्वाचित सांसदों के शपथ ग्रहण समारोह के लिए 26 मार्च की तारीख तय की है। इसके लिए तैयारियां जारी हैं। छह राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ अनौपचारिक बैठक कर सांसदों के शपथ ग्रहण और संसदीय दल गठन से जुड़े मुद्दों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

संविधान के अनुच्छेद 93(1) के अनुसार, राष्ट्रपति को अंतिम परिणाम घोषित होने के 30 दिनों के भीतर संघीय संसद का अधिवेशन बुलाना होता है।

प्रतिनिधि सभा की पहली बैठक की अध्यक्षता सबसे वरिष्ठ सदस्य करेंगे। इसी दौरान सात दिनों के भीतर स्पीकर और डिप्टी स्पीकर के चुनाव की प्रक्रिया शुरू होगी। इस बार नेपाली कांग्रेस के सांसद अर्जुन नरसिंह केसी प्रोटेम स्पीकर होंगे और पहली बैठक की अध्यक्षता करेंगे।