नारायणपुर, 23 मार्च । पुलिस ने दशकों से नक्सलियों का सुरक्षित इलाका माने जाने वाले दुर्गम क्षेत्र कुमनार में आज साेमवार काे नवीन सुरक्षा एवं जन सुविधा कैंप स्थापित कर दिया है। ‘माड़ बचाओ’ अभियान के तहत स्थापित यह कैंप वर्ष 2026 का आठवां और क्षेत्र का अंतिम सामरिक पड़ाव है, जिससे अब अबूझमाड़ का सीधा संपर्क बीजापुर के भैरमगढ़ से जुड़ गया है।
कुमनार वही क्षेत्र है जहां कभी माओवादी सेंट्रल कमेटी का अघोषित शासन चलता था और जहां कुख्यात नक्सली बसवा राजू को सुरक्षाबलों ने ढेर किया था। बस्तर आईजी पी. सुन्दराज और नारायणपुर एसपी रोबिनसन गुरिया के मार्गदर्शन में अबूझमाड़ को पूरी तरह नक्सल मुक्त करने की दिशा में नारायणपुर पुलिस, डीआरजी, बस्तर फाइटर्स और आईटीबीपी (38वीं, 44वीं, 41वीं, 45वीं, 53वीं और 29वीं वाहिनी) के संयुक्त प्रयासों से कैंप स्थापित कर तिरंगा लहरा दिया है ।
इस कैंप की स्थापना से ओरछा-कुमनार-भैरमगढ़ के बीच सीधा सड़क संपर्क सुनिश्चित हुई है। इससे पूर्व, वर्ष 2025 तक ओरछा के भीतर का हिस्सा नक्सलियों के नियंत्रण में था, लेकिन अब यह इलाका भी विकास की मुख्यधारा से जुड़ जायेगा। जिला मुख्यालय से 102 किमी दूर स्थित इस कैंप के माध्यम से आस-पास के आधा दर्जन गांवों (लेकवाडा, नेडअट्टे, डोडूम आदि) में सड़क एवं पुल-पुलिया निर्माण में तेजी आएगी। शिक्षा, चिकित्सा और मोबाइल नेटवर्क की पहुंच सुगम होगी, वहीं नक्सल विरोधी अभियानों को मजबूती मिलेगी।
नारायणपुर एसपी रोबिनसन गुरिया ने कहा कि पुलिस प्रशासन का लक्ष्य ‘शांतिपूर्ण एवं समृद्ध नारायणपुर’ बनाना है, जहां दशकों से अलग-थलग पड़े ग्रामीणों को लोकतंत्र की बुनियादी सुविधाओं का लाभ मिल सके।