फिलहाल नहीं बढ़ेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम, देश के पास पर्याप्त ईंधन भंडार

नई दिल्ली, 09 मार्च । वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचने के बावजूद फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की जाएगी। हालांकि, सरकार ने तेल एवं गैस विपणन कंपनियों को एलपीजी प्रोडक्शन बढ़ाने का आदेश दिया है।

आधिकारिक सूत्रों ने सोमवार को दी जानकारी में बताया कि पश्चिम एशिया संर्घष के बीच पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तुरंत बढ़ोतरी की कोई संभावना नहीं है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस समय उत्पाद शुल्क को घटाने पर भी कोई विचार नहीं चल रहा। देश के पास पर्याप्त ईंधन भंडार है। वहीं, सप्लाई को लेकर कोई चिंता नहीं है।

सूत्रों ने बताया कि सरकार कच्चे तेल की कीमतों पर लगातार नजर बनाए हुए है। सरकारी सूत्रों का कहना है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ने की उम्मीद नहीं है, क्योंकि हमारे पास तेल का पर्याप्त स्टॉक है। आधिकारिक सूत्रों का कहना है, जब तक कच्चे तेल की कीमतें 130 डॉलर प्रति बैरल को पार नहीं करतीं, पेट्रोल-डीज़ल की कीमतें बढ़ने की उम्मीद नहीं है। हमें उम्मीद है कि कच्चे तेल की कीमतें लगभग 100 डॉलर प्रति बैरल होंगी।

आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि देश में किसी भी पंप पर पेट्रोल और डीज़ल की कमी की कोई समस्या नहीं है। हमने होर्मुज जलडमरूमध्य के बाहर के रास्तों से कच्चे तेल की सोर्सिंग तेज़ कर दी है। भारत के पास एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) का काफ़ी स्टॉक है। क्योंकि भारत एटीएफ का निर्माता और निर्यातक है। एटीएफ को लेकर भी घबराने की जरूरत नहीं है। भारत दूसरे देशों के मुकाबले बेहतर स्थिति में है। कई देशों ने स्टॉक लेने के लिए भारत से संपर्क किया है।

सरकारी सूत्रों का कहना है एलपीजी के जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए घरेलू रसोई गैस की बुकिंग का समय 21 से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है। दरअलस कुछ ऐसे मामले भी सामने आए हैं, जहां जो लोग पहले 55 दिनों में एलपीजी सिलेंडर को बुक करते थे, उन्होंने अब 15 दिनों में एलपीजी सिलेंडर बुक करना शुरू कर दिया है। इसको देखते हुए सरकार ने रिफाइनरियों को एलपीजी का उत्पादन बढ़ाने का आदेश दिया है।

जानकारी के मुताबिक कमर्शियल कनेक्शन के बजाय घरेलू एलपीजी को प्राथमिकता देने का आदेश दिया गया है। घरेलू ग्राहक हमेशा प्राथमिकता रहेंगे। सरकार और एलपीजी पार्टनर्स की तलाश शुरू कर दी है। सूत्रों के मुताबिक अल्जीरिया, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, नॉर्वे जैसे देशों ने एलपीजी बेचने के लिए संपर्क किया है।

सरकारी सूत्रों का कहना है कि एलएनजी पर सरकार की निगाह है। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए कीमत में बढ़ोतरी की फिलहाल संभावना नहीं है। सप्लाई चेन को बनाए रखने के लिए इंडस्ट्रियल इस्तेमाल के लिए एलएनजी को घरेलू इस्तेमाल के लिए डायवर्ट किया जाएगा। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए कोई रैशनलाइजेशन नहीं।