तीन हाथियों का आतंक: जैतहरी क्षेत्र में किसानों की फसलें बर्बाद, ग्रामीणों में बढ़ी नाराजगी

अनूपपुर, 13 मार्च । मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के जैतहरी क्षेत्र में पिछले कई दिनों से तीन हाथियों का दल ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। हाथियों के लगातार गांवों के आसपास विचरण करने से किसानों की फसलें बर्बाद हो रही हैं और ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

जानकारी के अनुसार गुरुवार-शुक्रवार की रात हाथियों का समूह धनगवां बीट के जंगल से निकलकर सुबह जैतहरी नगर क्षेत्र को पार करते हुए गोबरी और पगना के जंगलों तक पहुंच गया। इस दौरान हाथियों ने रास्ते में कई किसानों के खेतों में लगी फसलों को नुकसान पहुंचाया और उन्हें अपना आहार बनाया।

बताया जा रहा है कि यह तीनों हाथी पिछले करीब 81 दिनों से वन परिक्षेत्र जैतहरी के धनगवां जंगल तथा अनूपपुर वनक्षेत्र के आसपास के गांवों में डेरा डाले हुए हैं। रात होते ही यह गांवों की ओर रुख कर लेते हैं और घरों के आसपास तथा खेतों में लगी विभिन्न फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं।

बीती रात हाथियों का दल धनगवां जंगल से निकलकर कुसुमहाई, पटौराटोला, टकहुली और लहरपुर गांव तक पहुंच गया, जहां किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाने के साथ ही एक ग्रामीण के घर में तोड़फोड़ भी की। इसके बाद हाथी अनूपपुर वन परिक्षेत्र के दुधमनिया बीट अंतर्गत ग्राम पंचायत पगना के बरटोला पहुंचे, जहां उन्होंने गेहूं, चना और मटर की फसल को काफी नुकसान पहुंचाया।

शुक्रवार सुबह हाथियों का दल पगना और गोबरी के बीच स्थित जंगल की ओर चला गया। लगातार हाथियों के विचरण से क्षेत्र के ग्रामीण दहशत में हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और वन विभाग की ओर से अब तक हाथियों को जिले से बाहर करने के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किए गए हैं।

वहीं, हाथियों द्वारा घरों और खेतों में हुए नुकसान का मुआवजा अब तक नहीं मिलने से भी ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि राहत प्रकरण नहीं बनाए जाने और भुगतान में देरी के कारण उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। इससे हाथियों की निगरानी में लगे वन विभाग के दल को भी ग्रामीणों की नाराजगी का सामना करना पड़ रहा है।