नई दिल्ली, 09 अप्रैल । दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट ने अगस्ता वेस्टलैंड घोटाला मामले के आरोपित क्रिश्चियन मिशेल को दस्तावेज का परीक्षण की अनुमति दे दी है। स्पेशल जज संजय जिंदल ने मिशेल और उसके वकील को 21 और 22 अप्रैल को सीबीआई मुख्यालय जाकर दस्तावेज का परीक्षण करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि इसके अलावा मिशेल और उनके वकील 18 अप्रैल को पेन ड्राइव का परीक्षण कर सकते हैं।
कोर्ट ने सीबीआई को निर्देश दिया कि वो उन दस्तावेज का परीक्षण करने में सहयोग करेंगे, जो डिजिटल उपकरण में स्टोर कर रखे गए हैं। कोर्ट ने तिहाड़ जेल अधीक्षक को निर्देश दिया कि वो मिशेल को उक्त तिथियों पर सुबह साढ़े दस बजे लेकर जाएं और शाम साढ़े पांच बजे वापस लाएं। आठ अप्रैल को उच्च न्यायालय ने मिशेल की ओर से भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच हुए प्रत्यर्पण संधि को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी थी।
अगस्ता वेस्टलैंड से 12 हेलीकॉप्टरों की खरीद के मामले में 3600 करोड़ रुपये के घोटाले का मामला दर्ज किया गया है। इस घोटाले में ईडी ने मिशेल को जनवरी, 2019 में गिरफ्तार किया था। मिशेल को दुबई से प्रत्यर्पित कर 4 दिसंबर, 2018 को भारत लाया गया था। 23 अक्टूबर, 2020 को कोर्ट ने सीबीआई की ओर से दायर पूरक चार्जशीट पर संज्ञान लिया था। चार्जशीट में 13 लोगों को आरोपित बनाया गया है। 19 सितंबर, 2020 को सीबीआई ने पूरक चार्जशीट दाखिल की थी। चार्जशीट में क्रिश्चियन मिशेल, राजीव सक्सेना, अगस्ता वेस्टलैंड इंटरनेशनल के डायरेक्टर जी सापोनारो और वायुसेना के पूर्व प्रमुख एसपी त्यागी के रिश्तेदार संदीप त्यागी समेत 13 को आरोपित बनाया गया है।