खूंटी, 05 अप्रैल । सरना धर्म सोतो समिति शाखा दुलवा के सरना स्थल में रविवार को सरहुल पूजा महासमिति के तत्वावधान में भगवान सिंगबोगा की पूजा-अर्चना की गई। इस अवसर पर समाज की सुख, शांति और खुशहाली की कामना की गई।
कार्यक्रम के दौरान धर्मगुरु बगरय मुण्डा ने कहा कि हमारे पूर्वजों ने जिस समृद्ध और संगठित समाज की कल्पना की थी, वह आज भी पूरी तरह साकार नहीं हो सकी है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में धार्मिक और राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के कारण सामाजिक-धार्मिक परंपराओं और रीति-रिवाजों पर प्रभाव पड़ रहा है, जिससे कई लोग अपने मूल धर्म और संस्कृति से दूर होते जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आज भी समाज का एक वर्ग शोषण, जुल्म, अन्याय और अत्याचार का शिकार हो रहा है। वहीं दूसरी ओर समाज में व्याप्त कुरीतियां, धार्मिक आडंबर और अंधविश्वास भी लोगों को प्रभावित कर रहे हैं।
धर्मगुरु बगरय मुण्डा ने कहा कि सरना धर्म की पहचान, संरक्षण और संवर्धन के लिए सामाजिक और धार्मिक व्यवस्थाओं में एकरूपता लाना जरूरी है। उन्होंने सामाजिक संगठनों के साथ-साथ केंद्र और राज्य सरकार से सरना धर्म को संवैधानिक दर्जा दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की, ताकि सरना धर्म समाज का संरक्षण और संवर्धन सुनिश्चित हो सके।
इस अवसर पर सनिका तिडू, जितू पाहन, मथुरा कंडीर, मंगरा ढोडराय, बुधराम सिंह मुण्डा, चैतन मुण्डा, गोपाल मुण्डा, सिनु मुण्डा सहित कई अन्य लोग उपस्थित थे।