भोपाल संभाग में गेहूं उपार्जन सर्वोच्च प्राथमिकता, सभी केन्द्रों पर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें: संभागायुक्त

भोपाल, 10 अप्रैल । मध्य प्रदेश के भोपाल में संभागायुक्त संजीव सिंह ने शुक्रवार को आयुक्त कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित टीएल बैठक में भोपाल संभाग के जिलों में गेहूं उपार्जन की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने खाद्य आपूर्ति नियंत्रक श्री चन्द्रभान सिंह जादौन से जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि गेहूं उपार्जन कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ संचालित किया जाए और उपार्जन केन्द्रों पर किसानों के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित रहें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उपार्जन कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

संभागायुक्त सिंह ने निर्देश दिए कि सभी उपार्जन केन्द्रों पर किसानों की स्लॉट बुकिंग, परिवहन व्यवस्था, पर्याप्त बारदाना उपलब्धता तथा निर्धारित समय-सीमा में भुगतान सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए प्रतिदिन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए गए। बैठक में संभागायुक्त ने सीएम हेल्पलाइन में 100 दिवस से अधिक लंबित शिकायतों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए सभी विभागीय अधिकारियों को इनके शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निराकरण में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाएंगे।

संभागायुक्त सिंह ने भोपाल में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन गतिविधियों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि जिन 170 चिन्हित कॉलोनियों में पीएनजी गैस पाइपलाइन नेटवर्क पहुंच चुका है, वहां पीएनजी कनेक्शन के लिए विशेष कैम्प आयोजित किए जाएं और इसकी प्रतिदिन मॉनीटरिंग की जाए। उन्होंने अगले तीन माह में 70 से 75 हजार घरों में पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि भोपाल में वर्तमान में लगभग 8 हजार घरों में घरेलू पीएनजी कनेक्शन के माध्यम से प्राकृतिक गैस की आपूर्ति की जा रही है। इसके अतिरिक्त लगभग 42 हजार ऐसे घर हैं जहां तत्काल आवेदन करने पर पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध कराया जा सकता है।

संभागायुक्त ने नागरिकों से अपील की कि जिन क्षेत्रों में पीएनजी गैस लाइन उपलब्ध है, वे इसका लाभ उठाएं जिससे एलपीजी वितरण से संबंधित समस्याओं से भी राहत मिल सके। संभागायुक्त ने कलेक्टर्स – कमिश्नर्स कॉन्फ्रेंस में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की भी समीक्षा की और अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर कार्य सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने “किसान कल्याण वर्ष 2026” के दृष्टिगत किसान कल्याण, उद्यानिकी, पशुपालन तथा मत्स्य पालन विभाग को विभिन्न योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक हितग्राहियों तक पहुंचाने के निर्देश दिए। बैठक में संयुक्त आयुक्त (विकास) डॉ. विनोद यादव, उपायुक्त राजस्व किरण गुप्ता सहित सभी संभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।