देहरादून, 15 मार्च (हि.स.)। डिवाइस इंटेलिजेंस कंप्यूटिंग एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी पर ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में संचार की नई तकनीकों, सेमीकंडक्टर्स और डिवाइस इंटेलिजेंस के उपयोगों पर चर्चा की गई।
डिवाइस इंटेलिजेंस कंप्यूटिंग एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी पर आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन में विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किया। सम्मेलन के पहले दिन आज, रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स अनुप्रयोग प्रयोगशाला के निदेशक एलसी मंगल ने कहा कि डिवाइस इंटेलिजेंस का उपयोग आज के समय में हर क्षेत्र जैसे कि बैंक, रेलवे, डिफेंस सिक्योरिटी, पुलिस आदि जगहों पर होता है। इसके उपयोग से हम अपनी निजीव सामाजिक सुरक्षा को बढ़ाकर फ्रॉड से बच सकते हैं। आईआईटी रुड़की के प्रो. सुदीपदास गुप्ता ने छात्र-छात्राओं को देश के सेमीकंडक्टर मिशन पर विस्तार से जानकारी दी।
सम्मेलन में ट्रिनिटी कॉलेज डबलिन के डॉ. निकोला मार्चेटी ने छात्र-छात्राओं को संचार तंत्र और उसकी तकनीकों पर जानकारी दी। मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय तकनीकी संस्थान इलाहाबाद के पूर्व निदेशक प्रो. राजीव त्रिपाठी ने भी मशीन इंटेलिजेंस पर व्याख्यान दिया। इस मौके पर सोविनियर का विमोचनहुआ।
सम्मेलन में आज 70 से अधिक शोधपत्र पढ़े गये, जिसमें कुछ शोधपत्र वर्चुअली पढ़े गए। सम्मेलन का आयोजन डिपार्मेंट आफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग ने रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन के साथ मिलकर किया। कार्यक्रम में प्रो चांसलर प्रो. राकेश कुमार शर्मा, ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. नरपिंदर सिंह, ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ.संजय जसोला, एचओडी डॉ. इरफानुल हसन, आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ केनिदेशक डॉ. संतोष सराफ, अन्य पदाधिकारी, शिक्षक-शिक्षिकाएं और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।