इंदौर में रंगपंचमी पर निकली रंगारंग गेर, रंगों की बौछार

– मुख्यमंत्री बोले- इंदौर की गेर को यूनेस्को में शामिल कराने के लिए सरकार भी करेगी प्रयास

इंदौर, 30 मार्च (हि.स.)। इंदौर में रंगपंचमी पर अलग ही नजारा देखने को मिला। यहां सालों पुरानी परंपरा को निभाते हुए शनिवार को शहरवासी रंगपंचमी पर गेर में रंगों से सराबोर हुए। सुबह 10 बजने के साथ ही आसपास विभिन्न हिस्सों से लोगों का हुजूम शहर की हृदयस्थली राजवाड़ा पर उमड़ने लगा था। रंगपंचमी की गेर में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव करीब दोपहर 12 बजे पहुंचे। उन्होंने इंदौरवासियों के साथ जमकर होली खेली। इस दौरान कंप्रेसर से रंगों की बौछार हुई। गेर में विदेशी मेहमान भी शामिल हुए।

गेर में बड़ी संख्या युवाओं की रही, जो रंग गुलाल उड़ाते हुए झूम रहे थे। राजवाड़ा पर डीजे की धुन पर नाचते-झूमते सभी मस्ती में डूबे नजर आए। सभी युवा यहां परंपरागत गेर के इंतजार में थे। सबसे पहले शीतलामाता बाज़ार पर फाग यात्रा पहुंची। इसके बाद राजवाड़े पर रसिया ग्रुप की गेर पहुंची। यहां मुख्यमंत्री मोहन यादव भी इंदौरी रंग में नजर आए। वे दो घंटे से ज्यादा समय गेर में शामिल हुए। मालवी पगड़ी पहने रंग-गुलाल में तर मुख्यमंत्री खुद लोगों पर गुलाल बरसा कर लोगों को अभिवादन कर रहे थे। जगह-जगह लोगों पर उन्होंने गुलाल उड़ाया। अभिवादन भी स्वीकार किया। जब लौटे तो रंग और पानी से तरबतर होकर। दोनों हाथ उठा कर वह इंदौर की गेर से रवाना हुए।

इससे पहले उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि गुजरात का गरबा यूनेस्को में कुछ समय पहले शामिल हुआ है। इंदौर के रंगों की इस गेर को भी यूनेस्को से जोड़ने का काम हो रहा है। इसके लिए सरकार भी प्रयास करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि रंगों का यह त्योहार परस्पर भाईचारा बढ़ाने वाला है। हम सब अपने जीवन की कलुष्ता मिटाकर रंगों के त्योहार में डूब जाते हैं। प्रेम रंग में डूबकर हम तमाम दुश्मनी भूल जाते हैं। होली से लेकर रंगपंचमी तक मालवा में हर दिन आनंद के साथ गुजरता है। इंदौर में तो इसका अंदाज ही निराला है। यहां मालवा के लोग जुटते हैं।

गिरते गिरते बचे सीएम

मुख्यमंत्री जिस वाहन में सवार थे, उसमें एक लिफ्ट भी लगी थी। राजवाड़ा पर वाहन से उतरने से पहले वे खुली लिफ्ट में चढ़ कर लोगों पर गुलाल बरसाते रहे। इस दौरान लिफ्ट झटके से नीचे आई तो मुख्यमंत्री का संतुलन बिगड़ गया। वे गिरते-गिरते बचे। इसके बाद सुरक्षा में जुटे अफसरों ने लिफ्ट नीचे उतरवा दी।

गेर निकलने के डेढ़ घंटे बाद चकाचक हो गई सड़क

इंदौर में गेर में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। पांच किलोमीटर लंबे गेर रुट मार्ग पर अबीर-गुलाल की गर्त जमी थी। चारों तरफ कचरा था, लेकिन गेर निकलने के डेढ़ घंटे के बाद सड़क पहले जैसी साफ हो गई। तीन सौ सफाईकर्मी, 50 से ज्यादा अफसर और सफाई में लगे वाहनों के साथ नगर निगम का टीम वर्क एक बार फिर नजर आया। मार्गों से गुलाल उठाकर उन्हें धोया गया। एक बार फिर नगर निगम ने साबित कर दिया कि वह सफाई में देश में नंबर वन है।

गेर के कारण राजवाड़ा, खजूरी बाजार, गोराकुंड चौराहा, मल्हारगंज, एमजी रोड, सराफा तक सड़क पर गुलाल, रामरज, मिसाइलों द्वारा उड़ाई गई पेपर की कतरनें बिखरी पड़ी थी। सैकड़ों जूते-चप्पल भी सड़क पर फैले हुए थे। सजृन संस्था की गेर आखिरी थी। दोपहर ढाई बजे जैसे ही गेर ने राजवाड़ा की परिक्रमा की। नगर निगम की टीम राजवाड़ा पर सक्रिय हो गई। पहले चार जेसीबी की मदद से सड़कों पर बिखरे गुलाल को एकत्र किया गया। फिर उसे मशीन से उठाकर साफ किया गया। 23 सफाई मशीन, चार जेसीबी, 300 सफाईकर्मियों और 50 अफसरों ने सफाई व्यवस्था को संभाला और देखते ही देखते सड़क साफ होने लगी। लगा ही नहीं कि कुछ समय पहले राजवाड़ा पर लाखों लोगों की भीड़ जुटी होगी। सड़कों से कचरा उठने के बाद पानी के प्रेशर से राजवाड़ा और उसके आसपास की सड़क भी साफ की गई।

निगम के अधीक्षण यंत्री महेश शर्मा ने बताया गेर निकलने के बाद हर साल नगर निगम एक से डेढ़ घंटे के भीतर सफाई अभियान चलाता है। इस बार भी नगर निगम की टीम ने कम समय में सड़कें साफ कर दी।

कलेक्टर आशीष सिंह ने इंदौर के परंपरागत पर्व रंगपंचमी पर निकलने वाली गेर के सफलतापूर्वक आयोजन के लिए शहर वासियों के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने पूरी टीम इंदौर को गेर के निर्विघ्न समापन की बधाई दी है। इस बार प्रतिभागियों की संख्या कहीं अधिक थी और वीआईपी विजिट भी थी। इसके बाद भी सभी व्यवस्थाएँ उत्कृष्टतम रहीं। उन्होंने सभी को रंगपंचमी की शुभकामनाएँ दी है।