नगर निगम बोर्ड बैठक में पार्षदों ने अधिकारियों पर लगाए आरोप, जमकर हंगामा

नगर निगम बोर्ड बैठक में पार्षदों ने अधिकारियों पर लगाए आरोप, जमकर हंगामा

मेरठ, 09 सितम्बर (हि.स.)। महानगर के विकास की अनदेखी को लेकर सोमवार को नगर निगम की बोर्ड बैठक में पार्षदों ने जमकर हंगामा किया। पार्षदों ने नगर निगम के अधिकारियों पर हर काम में मनमानी करने के गंभीर आरोप लगाए।

चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के अटल सभागार में सोमवार को मेरठ नगर निगम की बोर्ड बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में गृहकर लगाने में मनमानी, स्ट्रीट लाइट नहीं लगाने, होर्डिंग ठेकों आदि में अधिकारियों पर मनमानी करने के आरोप लगाकर पक्ष और विपक्ष दोनों के पार्षदों ने जमकर हंगामा किया। नगर निगम के सभी 90 पार्षद आक्रोशित नजर आए। पार्षदों ने अपने-अपने क्षेत्र की समस्याओं को एजेंडा तैयार करके नगर निगम अधिकारियों से जवाब मांगा तो अधिकारी चुप्पी साध गए।

महापौर हरिकांत अहलूवालिया, नगर आयुक्त डॉ. अमित पाल शर्मा, अपर नगर आयुक्त प्रमोद कुमार के साथ ही निगम के विभिन्न विभागों के अधिकारी और पार्षद भी बैठक में उपस्थित रहे। पार्षदों ने कहा कि निगम अधिकारी जीआई सर्वे के नाम पर मनमाने तरीके से गृह कर लगा रहे हैं। शहर में स्ट्रीट लाइट नहीं जल रही है, इसके बाद भी कंपनी के भुगतान का दबाव बनाया जा रहा है। जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने में अवैध वसूली हो रही है। होर्डिंग ठेके मनमर्जी से दिए जा रहे हैं। पूरा नगर निगम भ्रष्टाचार में लिप्त है। शहर की साफ-सफाई को ताक पर रख दिया गया है।

पार्षद राजीव गुप्ता काले, संदीप गोयल रेवड़ी, अनुज वशिष्ठ, संजय सैनी आदि ने आरोप लगाते हुए कहा कि, निगम अधिकारियों ने जीआईएस सर्वे के नाम पर लूट मचा रखी है। जिससे साफ पता चलता है कि निगम अधिकारी भाजपा सरकार को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। इस पर सभी भाजपा पार्षद एकमत होकर बोले कि किसी भी हालत में दलाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

पार्षदों ने कहा कि मंगतपुरम के बाद गांवड़ी गांव में गिरने वाले कूड़े का समाधान आजतक नहीं हुआ। कंपनी ने बिना पैसे के प्लांट लगाने और कूड़ा निस्तारण की बात कही थी। लेकिन कंपनी से अनुबंध में गीले कूड़े का निस्तारण क्यों नहीं किया गया। पार्षदों ने महापौर से हस्तक्षेप करके शहर को बचाने की मांग की। नगर निगम के अधिकारियों ने समस्याओं का शीघ्र समाधान करने का आश्वासन दिया।