पंजाब में पंचायत चुनावों के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण घोषणा की गई है, जिसके अनुसार डिफॉल्टर उम्मीदवार अब चुनाव में भाग नहीं ले सकेंगे। इस निर्णय से चुनाव आयोग ने स्पष्ट तौर पर यह बताया है कि उम्मीदवारों को नो ड्यूज सर्टिफिकेट जमा करना अनिवार्य होगा। आयोग ने इस संबंध में सभी जिलों के डिप्टी कमिश्नरों को एक पत्र जारी किया है, जिसमें उल्लेख किया गया है कि सरपंच और पंच के पदों के लिए नामांकित होने वाले उम्मीदवारों पर पंचायत का कोई भी बकाया नहीं होना चाहिए। इस नियम का पालन सुनिश्चित करने के लिए सख्त निर्देश दिए गए हैं।
पंचायत चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने वाले सभी उम्मीदवारों को संबंधित पंचायत से नो ऑब्जेक्शन या नो ड्यूज सर्टिफिकेट प्राप्त करना होगा। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि जिन पर पंचायत के किसी भी प्रकार के बकाया हैं, उन्हें चुनाव में खड़े होने की अनुमति नहीं होगी। इससे पहले के सरपंचों को भी यह बताना होगा कि उन्होंने पंचायत का रिकॉर्ड उचित अधिकारियों के पास जमा करवाया है या नहीं। इसके अतिरिक्त, पंचायत की जमीन पर अनाधिकृत कब्जे करने वाले उम्मीदवारों को भी चुनाव में भाग लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
पंजाब राज्य में कुल 13,937 ग्राम पंचायतें हैं, और प्रत्येक पंचायत में 5 से 13 पंच होते हैं। चुनाव आयोग ने यह भी जानकारी दी है कि एक ग्राम पंचायत में 1 सरपंच होता है, और वार्ड से अलग-अलग उम्मीदवार चुनाव में खड़े होंगे। वोटर लिस्ट को 4 सितंबर तक अपडेट किया गया है, जिसमें कुल 1,33,97,932 मतदाता शामिल हैं। इस बार चुनाव बैलट बॉक्स के माध्यम से आयोजित किए जाएंगे और पंच व सरपंच के लिए नामांकन शुल्क 100 रुपए निर्धारित किया गया है। विशेष रूप से अनुसूचित जाति और पिछड़े वर्ग के उम्मीदवारों को 50 प्रतिशत छूट मिलेगी।
इसके साथ ही, सरपंचों के खर्च की सीमा को 30 हजार से बढ़ाकर 40 हजार रुपये और पंचों के लिए 20 हजार से बढ़ाकर 30 हजार रुपये किया गया है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि सभी नियमों का पालन हो, रिटर्निंग अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इस प्रक्रिया के दौरान, सभी प्राथमिकताओं का ध्यान रखा जाएगा ताकि चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो सकें। पंजाब के पंचायत चुनावों में यह सभी नये दिशा-निर्देश स्पष्ट रूप से नियमों का पालन करने के लिए महत्वपूर्ण होंगे, जिससे चुनावी प्रक्रिया अधिक प्रभावी और सम्मानित बन सके।
इस प्रकार, पंजाब में पंचायत चुनावों के लिए तैयारियों में तेजी लाई जा रही है और विभिन्न नियमों को सख्ती से लागू करने का प्रयास किया जा रहा है। इस प्रक्रिया के माध्यम से, चुनाव आयोग ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया है कि केवल उन उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने की अनुमति दी जाए, जिन्होंने पहले से पंचायत के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को पूरा किया है।