कैलिफोर्निया, अमेरिका में एक दुखद घटना से पंजाबी समुदाय में शोक का माहौल है। 32 वर्षीय गुरजीत सिंह, जो कपूरथला का निवासी था, की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। यह घटना तब हुई जब उसके परिवार ने उसके विवाह की तैयारियों में जुटे हुए थे। गुरजीत की शादी 18 अक्टूबर को निर्धारित थी, जिसके तहत परिवार विभिन्न समारोहों की प्लानिंग कर रहा था। इस बीच, गुरजीत की मौत ने उसके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है और मृतक के परिजनों ने उसके हत्या का आरोप लगाया है। हालांकि, स्थानीय पुलिस ने प्रारंभिक जांच के आधार पर इसे हार्ट अटैक का मामला बताया है।
गुरजीत सिंह अमेरिका में कुछ समय पहले ही आया था, और वह अपने दोस्तों के साथ समय बिता रहा था। जानकारी के अनुसार, गुरजीत अपने घर लौटने की तैयारी कर रहा था और उसने अपने सामान को पैक भी कर लिया था। वह पंजाब लौटने के लिए फ्लाइट पकडने वाला था, लेकिन उड़ान में चढ़ने से पहले उसने अपने दोस्त के साथ गुरुद्वारा साहिब जाकर माथा टेकने का फैसला किया। इसी दौरान उसकी अचानक मौत ने सभी को चिंतित कर दिया। पुलिस ने गुरजीत का शव एक पुल के नीचे से बरामद किया, जिससे परिवार में दहशत फैल गई।
गुरजीत के परिवार ने बताया कि वह अमेरिका में हरियाणा के एक युवक के साथ विवाद में था, जिसका मामला अभी अदालत में चल रहा था। परिवार का मानना है कि इस युवक का इसके मुद्दों से गहरा संबंध है और इसी लिए उन्होंने हत्या की आशंका जताई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए परिवार ने पुलिस से अपील की है कि वे इस जांच को गहराई से करें और सच्चाई का पता लगाएं। गुरजीत के चाचा हरजिंदर ने कहा कि उनके भतीजे की हत्या के पीछे किसी की साजिश हो सकती है।
मृतक के परिजनों ने उसके शव को भारत लाने की मांग करते हुए कहा है कि उन्हें अपने बेटे का अंतिम संस्कार करना है। गुरजीत की शादी की तैयारियों के बीच अचानक मृत्यु ने न केवल उसके परिवार में बल्कि पूरे पंजाबी समाज में एक शोक की लहर पैदा कर दी है। गुरजीत के चाचा ने कहा कि परिवार इस दर्दनाक घटना के लिए किसी भी तरह की न्याय की मांग करेगा और इसे लेकर वे निरंतर प्रयासरत रहेंगे। वह चाहते हैं कि इस मामले में पूरी सच्चाई बाहर आए और उनका भतीजा शांति से आराम कर सके।
इस घटना ने न केवल परिवार बल्कि समूचे पंजाब में कई सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या विदेश में रह रहे भारतीय युवकों की सुरक्षा को लेकर कोई नीतिगत बदलाव लाने की आवश्यकता है। ऐसी घटनाएं न केवल स्थानीय समुदाय को बल्कि भारतीय प्रवासियों के बीच भी चिंता का विषय बन चुकी हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि विदेशों में रहकर भी भारतीय अक्सर समाजिक और कानूनी असुरक्षाओं का सामना करते हैं।