फिरोजपुर में कांग्रेस-आप के बीच झड़प, 700 अज्ञात उपद्रवियों पर FIR दर्ज, वीडियो से पहचान जारी

फिरोजपुर के कस्बा जीरा में पंचायत चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के बीच तकरारदेखने को मिली। यह टकराव इतना गंभीर हो गया कि स्थानीय पुलिस को मामला सुलझाने में हस्तक्षेप करना पड़ा। पुलिस ने इस घटना के संबंध में करीब 700 अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह एफआईआर मंगलवार की रात को लिखी गई, और अब पुलिस मीडिया फुटेज और सीसीटीवी रिकॉर्डिंग के माध्यम से आरोपियों की पहचान का प्रयास कर रही है। इस घटना की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस महकमे के उच्चाधिकारियों ने मामले की पूरी जांच के निर्देश दिए हैं।

पुलिस अधीक्षक सौम्या मिश्रा ने बताया कि संबंधित मामले की जांच विभिन्न पहलुओं से की जा रही है। एफआईआर दर्ज कर उसे आगे बढ़ाने की कार्रवाई की जा रही है। इस घटनाक्रम में पूर्व विधायक कुलबीर सिंह जीरा गंभीर रूप से जख्मी हुए, जिनके घावों के चित्र और वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गए हैं। तस्वीरों में कुलबीर सिंह खून में लथपथ दिखाई दे रहे हैं और वे बड़ी भीड़ के बीच खड़े हैं। इस टकराव की गंभीरता को देखते हुए, फिरोजपुर मुख्यालय से अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।

गौरतलब है कि यह झगड़ा तब शुरू हुआ जब कांग्रेस समर्थक नामांकन के लिए चुनाव अधिकारी के कार्यालय पहुंचे। सोमवार को कुछ गांव के कांग्रेस समर्थक सरपंच पद के लिए नामांकन भरने के लिए जीरा आए थे। तभी आम आदमी पार्टी के विधायक नरेश कटारिया और पूर्व विधायक कुलबीर सिंह जीरा के बीच किसी बात को लेकर बहस शुरू हो गई। बहस बढ़ी और दोनों पक्षों के बीच हाथापाई होने लगी। स्थिति बेतहाशा बिगड़ गई, जिससे दोनों गुटों में पथराव शुरू हो गया और कुछ देर बाद गोलियों की आवाजें भी सुनाई दीं।

इस घटनाक्रम ने क्षेत्र में भय का माहौल बना दिया है, जहां पंचायत चुनाव को लेकर इस तरह की हिंसा की कल्पना नहीं की गई थी। सामाजिक और राजनीतिक तनाव की इस स्थिति ने स्थानीय प्रशासन के लिए एक चुनौती प्रस्तुत की है। अब यह देखने योग्य होगा कि पुलिस किस तरह से जांच को आगे बढ़ाएगी और क्या वे ऐसे उपद्रवियों को गिरफ्त में ला पाएंगे जिनका नाम एफआईआर में दर्ज है। घटना के बाद स्थानीय लोगों में भय और असुरक्षा की भावना पनप गई है, और सभी की निगाहें अब प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।