पटियाला में टैक्सेशन डिपार्टमेंट ने टैक्स चोरी की रोकथाम के लिए ठोस कदम उठाए हैं। सहायक कमिश्नर कन्नू गर्ग ने हाल ही में शहर और आसपास के इलाकों जैसे समाना, पातडा, राजपुरा और नाभा में दो दर्जन से अधिक नोटिस जारी किए। इन नोटिसों का उद्देश्य टैक्स चोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना है। कन्नू गर्ग की अगुवाई में डिपार्टमेंट की टीमों ने इन क्षेत्रों में सरप्राइज चेकिंग की, जिसके दौरान कई व्यापारियों के खिलाफ अवैध गतिविधियों के मामले सामने आए।
इस नवंबर मीटिंग में, सहायक कमिश्नर कन्नू गर्ग ने व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की और जीएसटी संबंधित सभी जानकारी साझा की। उन्होंने व्यापारियों को सलाह दी कि वे अपने द्वारा बेचे गए सभी सामान के लिए सही और पूरा बिल जरूर काटें। कन्नू गर्ग ने स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यापारी बिना बिल के सामान बेचता है तो उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने व्यापारियों से यह भी आग्रह किया कि वे ग्राहकों को हमेशा बिल प्रदान करें, ताकि टैक्स डिपार्टमेंट किसी भी समय उनकी जांच कर सके।
कन्नू गर्ग ने उपभोक्ताओं को भी जागरूक किया और उनसे कहा कि जब भी वे कोई सामान खरीदें, तो व्यापारी से पूरा बिल लेना न भूलें। उन्होंने पंजाब सरकार के ‘बिल लाओ, इनाम पाओ’ योजना का उल्लेख किया और बताया कि उपभोक्ता मेरे बिल एप पर अपने बिल अपलोड करके इनाम प्राप्त कर सकते हैं। इस तरह की जागरूकता से टैक्स चोरी को कम करने में मदद मिलेगी।
सहायक कमिश्नर ने इस बात पर जोर दिया कि टैक्सेशन डिपार्टमेंट उन व्यापारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करेगा जो जीएसटी रजिस्ट्रेशन से बचते हैं और टैक्स चोरी करते हैं। उन्होंने बताया कि ऐसे चोरों की सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा, ताकि लोग बिना डर के सूचना दे सकें। इस पहल से उम्मीद की जा रही है कि टैक्स चोरी के मामलों में कमी आएगी और व्यापार में पारदर्शिता बढ़ेगी।
व्यापारियों की बैठक के दौरान, डिपार्टमेंट को व्यापारियों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। व्यापारियों ने आश्वासन दिया कि वे अपने समुदाय में जीएसटी बिल कटवाने और रजिस्ट्रेशन के लिए सभी प्रयास करेंगे। विशेष रूप से, उन्होंने उन व्यापारियों को जल्द से जल्द जीएसटी में रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए प्रेरित करने का भी वचन दिया, जो अभी तक ऐसा नहीं कर पाए हैं। इस तरह की पहल से न केवल व्यापार में संवृद्धि होगी बल्कि टैक्स कलेक्शन में भी सुधार संभव है।
ध्यान रहे कि टैक्सेशन डिपार्टमेंट की यह मुहिम केवल खामियों को उजागर करने के लिए नहीं बल्कि एक स्वस्थ व्यापारिक वातावरण बनाने के लिए भी है। इसके माध्यम से, सरकार ने यह संकेत दिया है कि ईमानदारी से व्यापार करना सभी के हित में है और टैक्स व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करने होंगे।