लुधियाना: ड्यूटी से लौटती महिला कॉन्स्टेबल का मंगलसूत्र लूटा, आरोपी हथियार समेत गिरफ्तार!

लुधियाना में हाल के दिनों में लूटपाट की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं, जिससे स्थानीय निवासियों में खौफ और चिंता का माहौल बन गया है। ताजा घटनाक्रम में, स्कूटी पर सवार एक महिला पुलिस कॉन्स्टेबल को लुटेरों ने अपना निशाना बनाया। यह वारदात बेहद गंभीर है क्योंकि इससे यह साबित होता है कि अब पुलिस भी असुरक्षित महसूस कर रही है। लुटेरों ने महिला पुलिस अधिकारी से मंगलसूत्र छीनकर भागने में सफलता पाई। घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही पुलिस ने तत्परता दिखाई और तीन लुटेरों को गिरफ्तार कर लिया।

घटना के संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार, महिला कॉन्स्टेबल अपने ड्यूटी के बाद घर लौट रही थी, और वो सिविल ड्रेस में थीं। जब वह शाम के लगभग 6 बजे जा रही थी, तभी पीछे से दो बदमाशों ने उसके मंगलसूत्र को छीनने का प्रयास किया। छीनाझपटी के दौरान महिला पुलिस कर्मचारी का संतुलन बिगड़ गया और वह स्कूटी से गिर गई। बदमाशों ने इस मौके का फायदा उठाते हुए उसके गले से मंगलसूत्र खींच लिया और वहाँ से तेजी से फरार हो गए।

घटना के पश्चात, महिला कॉन्स्टेबल ने तुरंत थाना डिवीजन नंबर-8 में लिखित शिकायत दर्ज कराई। जब पुलिस के पास वायरल वीडियो पहुंचा, तो उनकी गतिविधियों में तेजी आई। कुछ ही समय में पुलिस ने लुटेरों को पहचानकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए बदमाशों के पास से चाकू और अन्य धारदार हथियार भी बरामद किए गए हैं।

पुलिस द्वारा वारदात की पुष्टि करते हुए एसएचओ बलविंदर कौर ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए लुटेरों का 2 दिन का रिमांड लिया गया है। उनसे उम्मीद की जा रही है कि लूट का मंगलसूत्र भी उन्हें वापस मिल सकेगा। इसके अलावा, उनकी गिरफ्तारी से अन्य लूटपाट की घटनाओं का भी खुलासा करने का प्रयास होगा। पुलिस की सख्त कार्रवाई ने इस वारदात के माध्यम से यह संदेश दिया है कि वे इस प्रकार की घटनाओं को लेकर कितनी गंभीर हैं।

लुधियाना में इस तरह की घटनाओं में वृद्धि ने नागरिकों को सुरक्षा पर विचार करने के लिए मजबूर किया है। पुलिस की यह कार्रवाई इस बात का संकेत है कि वे लूटपाट की घटनाओं को रोकने के लिए प्रतिबद्ध हैं, लेकिन यह सुनिश्चित करना कि आम नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस करें, अब और भी आवश्यक हो गया है। इस प्रकार की घटनाएं न केवल समाज में अपराध का वातावरण बनाती हैं, बल्कि लोगों में कानून के प्रति विश्वास को भी कमजोर करती हैं।