पंजाब के बरनाला में दो दिन पहले एक छात्रा के ऊपर लूट के दौरान मोटरसाइकिल सवार दो लुटेरों द्वारा हमला किए जाने की घटना के बाद, पुलिस ने इन दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी तब हुई जब पुलिस ने इन लुटेरों को भागने की कोशिश करते हुए पकड़ा। डीएसपी सतवीर सिंह ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लुटेरे जख्मी रहे हैं क्योंकि उन्हें सड़क हादसे का शिकार होना पड़ा जबकि वे पुलिस को देखते ही भागने का प्रयास कर रहे थे।
घटना का विवरण साझा करते हुए, डीएसपी ने बताया कि एलबीएस कॉलेज बरनाला की छात्रा अर्शदीप कौर, जो हरीगढ़ की निवासी है, 4 अक्टूबर को कॉलेज से बस स्टैंड लौट रही थी। इस दौरान प्रेम प्रधान मार्केट में कुछ अज्ञात मोटरसाइकिल सवारों ने अचानक आकर अर्शदीप के बैग को छीनने का प्रयास किया, जिसमें कुछ किताबें और जरूरी दस्तावेज थे, जिनकी कीमत लगभग 500 रुपए थी। जब अर्शदीप ने बचाव के लिए बैग को पकड़ने का प्रयास किया, तो वह मुंह के बल गिर गई और उसे गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद लुटेरे मौके से भागने में सफल रहे, लेकिन अर्शदीप को तुरंत सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पुलिस की सक्रियता के परिणामस्वरूप, सीआईए स्टाफ बरनाला के प्रभारी बलजीत सिंह और थाना सिटी के एसएचओ लखविंदर सिंह के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम गठित की गई। इस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी मनी और गुरप्रीत सिंह को गिरफ्तार किया। डीएसपी ने यह भी बताया कि ये आरोपी मोगा फ्लाईओवर के पास एक और लूट की योजना बना रहे थे, लेकिन पुलिस की उपस्थिति ने उनकी योजना को विफल कर दिया। भागने के प्रयास में उन्होंने अपनी मोटरसाइकिल छोड़ दी, जिसके बाद तेज गति के कारण हादसे का सामना करना पड़ा।
गिरफ्तारी के बाद, पुलिस ने आरोपियों के पास से लूट में प्रयुक्त सिल्वर रंग की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल भी बरामद की। डीएसपी सतवीर सिंह ने बताया कि यह मामला बेहद गंभीर है और मामले में और भी कई खुलासे होने की संभावना है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से एक का भाई भी इस लूट में शामिल था, जिसे भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों से गहन पूछताछ शुरू कर दी है, जिससे अन्य संभावित लूटपाट की घटनाओं का पता चलने की उम्मीद है।
इस घटना ने बरनाला में सुरक्षा के मुद्दों को फिर से उजागर किया है और पुलिस की सक्रियता ने एक सकारात्मक पहलू भी प्रस्तुत किया है। पुलिस अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वे ऐसे मामलों में तुरंत पुलिस को सूचना दें, जिससे उन पर जल्द से जल्द कार्रवाई की जा सके।