हिन्दू नारी अबला नहीं सबला है: वीरेन्द्र विमल

हिन्दू नारी अबला नहीं सबला है: वीरेन्द्र विमल

रांची, 06 अक्टूबर( हि.स.)। हिन्दू नारी अबला नहीं सबला है। वह यदि श्रद्धा है, तो शक्तिस्वरूपा भी है। जैसे भगवती दुर्गा ने समस्त देवताओं की शक्ति आत्मसात् कर संपूर्ण दुर्जेय दैत्यों का संहार किया था।इसी प्रकार आज आवश्यकता है, हिन्दू नारी जाति, भाषा, प्रान्त, वर्ग, आदि भेदों में विभाजित हिन्दू शक्ति को एकत्र कर राष्ट्र, धर्म, संस्कृति एवं समाज की सुरक्षा के लिए कटिबद्ध हो। इसी कार्य के लिए विश्व हिन्दू परिषद के जरिये दुर्गावाहिनी और मातृशक्ति का गठन किया गया है।

ये बातें रविवार को विहिप के झारखंड- बिहार के क्षेत्र मंत्री वीरेन्द्र विमल ने शस्त्र पूजन कार्यक्रम में बोल रहे थे।

दुर्गावाहिनी का शस्त्र पूजन कार्यक्रम रविवार को गुरुगोविन्द सिंह नगर के देवी मंडप पथ स्थित हेसल अखाड़ा श्री हनुमान मंदिर में आयोजित था। कार्यक्रम में पुण्यश्लोक लोकमाता अहिल्या देवी होलकर की त्रिशताब्दि तथा गोंडवाना की महारानी दुर्गावती की पंचशताब्दी के उपलक्ष में उनको श्रद्धांजलि देते हुये उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व से प्रेऱणा ग्रहण करने का संकल्प लिया गया। शस्त्रपूजन में केन्द्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ तथा विहिप के प्रान्त अध्यक्ष चन्द्रकान्त रायपत विशेष रूप से उपस्थित थे। शस्त्रपूजन के बाद एक शोभायात्रा अखाड़ा हनुमान मंदिर से निकलकर जतरा मैदान होते हुये पिस्का मोड़ स्थित विश्वनाथ शिव मंदिर गई और वहाँ से देवी मंडप होकर वापस लौटी। कार्यक्रम में मातृशक्ति की दीपारानी, उषा सिंह, कलावती देवी, पुष्पा देवी, रेणु अग्रवाल, फूलकुमारी, नीतू सिंह, लीला बड़ाईक, पार्वती देवी, नीलम देवी, अनिल चौरसिया, सहित बड़ी संख्या में महिला पुरुष मौजूद थे। दुर्गा चालीसा तथा हनुमान चालीसा पाठ एवं आरती के बाद कार्यक्रम संपन्न हुआ।

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