पंजाब राज्य में आगामी पंचायत चुनावों को लेकर उच्च न्यायालय ने हाल ही में कुछ महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने पटियाला, मोगा और तरनतारन जिलों की कुछ पंचायतों की चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। ये आदेश मंगलवार को विभिन्न याचिकाओं के आधार पर जारी किए गए थे। इस मामले में सुनवाई के लिए दाखिल हुई लगभग 100 से ज्यादा याचिकाओं पर सुनवाई को टाल दिया गया है। हालांकि, बुधवार को जारी किए गए एक आदेश में 250 पंचायतों की चुनाव प्रक्रिया पर भी रोक लगाने का फैसला किया गया था, लेकिन अभी तक इस संबंध में विस्तृत निर्देश नहीं दिए गए हैं। न्यायालय से आगामी आदेशों का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है।
इस बार के पंचायत चुनावों में पार्टी सिंबल के बिना मतदान होना है, लेकिन इस निर्णय के बावजूद विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि उनके उम्मीदवारों के नामांकन को जानबूझकर रद्द किया गया है। कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल ने आम आदमी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि हमारे उम्मीदवारों को नुक्सान पहुँचाया जा रहा है। इन मुद्दों को लेकर यह मामला चुनाव आयोग तक पहुँच चुका है। आम आदमी पार्टी के नेता ने आरोप लगाया है कि अन्य पक्ष प्रबंधन में धांधली कर रहे हैं, यहाँ तक कि उनके कार्यकर्ताओं की हत्या का भी दावा किया गया है। इन सभी कारणों से मामला अब उच्च न्यायालय में पहुँच गया है।
15 अक्टूबर को होने वाले इन पंचायत चुनावों में लगभग 1 करोड़ 33 लाख मतदाता अपने अधिकार का उपयोग करेंगे। राज्य में वर्तमान में 13,937 ग्राम पंचायतें हैं, जिनमें चुनावी प्रक्रिया चल रही है। इन चुनावों को सफलतापूर्वक आयोजित कराने के लिए प्रशासन ने 96 हजार कर्मचारियों को तैनात किया है। चुनाव की निष्पक्षता और शांति सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने सभी पुलिस कर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं और मतदान के दिन पूरे पंजाब में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है।
इसके अलावा, चुनावों की निगरानी के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने चंडीगढ़ स्थित अपने कार्यालय में एक कंट्रोल रूम eingerichtet किया है। यह कंट्रोल रूम लोगों की शिकायतों को सुनने और समाधान प्रदान करने के लिए सुबह 8:30 से रात 9 बजे तक कार्य करेगा। नागरिकों को कंट्रोल रूम से संपर्क करने के लिए लैंडलाइन नंबर 0172- 2771326 पर कॉल करने का निर्देश दिया गया है। इस प्रक्रिया को आम नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बहुत ही आसान बनाया गया है। चुनाव आयोग ने अपनी वेबसाइट पर भी सभी आवश्यक जानकारियों को उपलब्ध कराया है, ताकि मतदाता बिना किसी कठिनाई के अपनी बात रख सकें और जानकारी प्राप्त कर सकें।
पंजाब में पंचायत चुनावों के इस जटिल परिस्थितियों के बीच, सभी की नजरें अब न्यायालय के निर्णय और चुनाव आयोग के अगले कदम पर हैं ताकि चुनाव प्रक्रिया को सही दिशा में आगे बढ़ाया जा सके।