7 अक्टूबर को पंजाब के लुधियाना में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्य सभा सदस्य संजीव अरोड़ा के दफ्तर हैम्पटन होम्स में छापेमारी की। यह कार्रवाई प्रॉपर्टी कारोबारी हेमंत सूद और उनके करीबियों के घरों पर भी की गई। ED के अधिकारियों ने इस बाबत कई महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की हैं। एजेंसी ने बताया है कि अरोड़ा की फर्म ने कई महत्वपूर्ण तथ्यों को छुपाते हुए औद्योगिक भूमि का आवासीय उपयोग किया, जिससे पंजाब सरकार को भारी वित्तीय नुकसान हुआ है।
छापेमारी के दौरान लुधियाना की चंडीगढ़ रोड स्थित फर्म रितेश प्रॉपर्टीज एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIPL) द्वारा विकसित आवासीय सोसायटी हैम्पटन होम्स पर विशेष ध्यान दिया गया। जांच में मोबाइल फोन तथा अन्य डिजिटल उपकरणों और कागजात को जब्त किया गया। ED ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि सांसद संजीव अरोड़ा की संपत्तियों पर छापा उन आरोपों के संबंध में था जिनमें उनके द्वारा औद्योगिक प्रयोजन के लिए आवंटित भूमि का दुरुपयोग करने का आरोप है। इस संदर्भ में यह खुलासा हुआ कि जालंधर के साथ-साथ लुधियाना में भी कई परिसरों पर छापेमारी की गई, जिनमें विभिन्न व्यावसायिक और आवासीय परिसर शामिल थे।
ईडी के अनुसंधान के मुताबिक हैम्पटन स्काई रियलिटी (पूर्व में रितेश प्रॉपर्टीज इंडस्ट्रीज लिमिटेड) और इसके निदेशकों पर यह आरोप है कि उन्होंने पंजाब सरकार द्वारा दी गई औद्योगिक भूमि का सही तरीके से उपयोग नहीं किया। मामले की जांच में यह पाया गया कि इन कंपनियों ने सरकार की अनुमति के बिना भूमि का उपयोग आवासीय परियोजनाओं के लिए किया और इससे पंजाब सरकार को नुकसान हुआ। विशेष रूप से यह उल्लेखनीय है कि इन कंपनियों ने आवंटन की शर्तों का उल्लंघन करते हुए भूमि को व्यापारिक उपयोग के लिए बेच दिया, जो कि पूरी तरह से नियमों के खिलाफ था।
संजीव अरोड़ा, जो लुधियाना में रीतेश प्रॉपर्टीज एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड के अध्यक्ष हैं, ने अपनी कंपनी के माध्यम से रियल एस्टेट और फैशन उद्योग में सक्रिय भूमिका निभाई है। उनका सामाजिक काम भी महत्वपूर्ण है, जिसमें वे कृष्ण प्राण ब्रेस्ट कैंसर चैरिटेबल ट्रस्ट का संचालन करते हैं। आम आदमी पार्टी ने उन्हें 2022 में राज्य सभा के लिए नामांकित किया था, जबकि वे ज्यादातर गुड़गांव में रहते हैं, लुधियाना में उनका कैंप कार्यालय हैम्पटन होम्स में स्थित है। अरोड़ा ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “मैं कानून का पालन करने वाला नागरिक हूं और एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग करूंगा।”
इस संपूर्ण मामले ने पंजाब की राजनीतिक और आर्थिक स्थिति पर नई चर्चाएं जन्म दी हैं। ED की इस कार्रवाई से यह स्पष्ट होता है कि सरकारी नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जा रही है। इसके साथ ही यह भी दिखाता है कि कैसे राजनीतिक संबंधों और व्यवसायिक गतिविधियों के बीच एक जटिल रिश्ता होता है, जिसका प्रभाव समाज पर पड़ता है।