गुरदासपुर जिले के दीनानगर कस्बे में एक गंभीर दुर्घटना से जुड़े मामले ने सभी का ध्यान खींचा है। पिछले 5 महीनों के भीतर, बेरिया मोहल्ले में एक युवक के अपहरण और उसके बाद उसके साथ हुए बर्बरता का मामला सामने आया है। उक्त युवक, जो बिजली का काम करता है, ने एक स्थानीय युवक बिट्टू को 6 हजार रुपए देने थे। इसी लेन-देन को लेकर बिट्टू और उसके कुछ साथियों ने मिलकर उस युवक का अपहरण कर उसे बेरहमी से पीटा। इस घटना के दौरान एक समाजसेवी, बचीतर सिंह, ने जोखिम उठाते हुए उस युवक की जान बचाई और उसे सिविल अस्पताल में भर्ती कराया।
इस घटना की जानकारी मिलने के बाद, पुलिस के पास मामला दर्ज कराने का कदम उठाया गया था लेकिन 5 महीने बीतने के बाद, आश्चर्यजनक रूप से दीनानगर पुलिस ने समाजसेवी बचीतर सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर दिया। इस बात ने न केवल बचीतर सिंह बल्कि अन्य समाजसेवियों और किसान यूनियनों को भी नाराज कर दिया है। उनकी चिंताओं का मुख्य कारण यह है कि जो व्यक्ति किसी की मदद करने की कोशिश करता है, उस पर उल्टा मामला दर्ज कर दिया जाता है, जिससे भविष्य में लोग किसी की सहायता करने से कतराएंगे।
गुरजीत सिंह, जो अपहरण का शिकार हुआ, ने बताया कि उसका बिट्टू के साथ पहले भी विवाद हो चुका था, और वह पुलिस में शिकायत दर्ज करवा चुका था। घटना के वक्त जब बिट्टू और उसके साथी ने उसे अगवा किया, तब स्थानीय समाजसेवियों की मदद से ही उसे बचाया जा सका। इस प्रकार, बचीतर सिंह ने अपनी जान जोखिम में डालकर एक युवक की जान बचाई। अब, जब उन पर मामला दर्ज हुआ है, तो विभिन्न संगठनों ने पुलिस प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि बचीतर सिंह के खिलाफ दर्ज मामला वापस नहीं लिया गया, तो वे थाने का घेराव करेंगे।
इस पूरे मामले पर पुलिस के थाना अधिकारी दिलप्रीत सिंह ने कहा कि उन्होंने इस मामले का संज्ञान लिया है और इसकी जांच शुरू कर दी गई है। उनका कहना है कि यदि बचीतर सिंह और उसके साथी निर्दोष पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। अब देखना होगा कि पुलिस प्रशासन इस केस का समाधान कैसे करता है और समाजसेवियों की आवाज को कितना महत्व देती है। समाज सेवा का ये मामला यह दर्शाता है कि समाज मे एकता और सहमति की आवश्यकता कितनी महत्वपूर्ण है, וכן अपने अधिकारों की रक्षा करने के लिए संगठित होना कितना जरूरी है।
अंततः, इस पूरे घटनाक्रम ने न केवल दीनानगर क्षेत्र में बल्कि व्यापक स्तर पर समाजसेवियों के बीच चिंता पैदा कर दी है। अगर इस मामले का जल्द समाधान नहीं किया जाता है, तो यह निश्चित रूप से समाज सेवा के कार्यों पर नकारात्मक प्रभाव डालेगा। समाजसेवियों की अपील है कि वे सुरक्षित और सम्मानित तरीके से लोगों की मदद कर सकें, इसके लिए जरूरी कदम उठाए जाएं।