चंडीगढ़, जो कि भारत का एकमात्र केंद्र शासित प्रदेश है, ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) के लिए औद्योगिक विभाग के द्वारा एक महत्वाकांक्षी 12 सूत्रीय विकास कार्यक्रम का शुभारंभ किया है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्थानीय उद्योगों को सशक्त बनाना और उन्हें नई दिशा देना है। इसके अंतर्गत कई नवाचारी पहल और सहायता योजनाएं शामिल की गई हैं, जैसे कि हेल्पडेस्क की स्थापना, गुणवत्ता मानकों का प्रमाणीकरण और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय सहायता। इन कदमों के माध्यम से चंडीगढ़ के MSME क्षेत्र को मजबूती देने का प्रयास किया जा रहा है।
केंद्र सरकार की योजना ‘RAMP’ ने चंडीगढ़ के व्यवस्थित निवेश योजना को मंजूरी दी है, जिसके तहत 2022-23 से 2026-27 तक 6,062 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। यह योजना विश्व बैंक द्वारा समर्थित है और इसका उद्देश्य MSME इकाइयों को वित्तीय, तकनीकी और विपणन सहायता प्रदान करना है। इस तरह के उपायों से यह अपेक्षा की जा रही है कि उद्योगों की उत्पादकता और प्रतिस्पर्धात्मकता में वृद्धि होगी, जो अंततः आर्थिक विकास को गति देगा।
इस विकास कार्यक्रम के तहत, ‘फेसिलिटेशन हेल्पडेस्क’ स्थापित की जाएगी, जिसका उद्देश्य उद्यमियों को विपणन रणनीतियों और वित्तीय सहायता में मदद करना है। यह हेल्पडेस्क उद्योग की बढ़ती चुनौतियों का सामना करने के लिए उद्यमियों को प्रशिक्षित करेगी। इसके साथ ही, चंडीगढ़ प्रशासन जेडईडी (ZED) प्रमाणन और MSME प्रतिस्पर्धी (लीन) योजना के तहत वित्तीय सहायता प्रदान करेगा, जिससे उद्योगों की गुणवत्ता में सुधार हो सकेगा।
हाल के वर्षों में चंडीगढ़ से स्थानीय एमएसएमई इकाइयों का स्थानांतरण एक चिंता का विषय बन गया है। इसलिए प्रशासन ने इस प्रवृत्ति को रोकने और कंपनियों को वापस लाने के लिए वित्तीय सहायता, भूमि संबंधी रियायतें और एफएआर (फ्लोर एरिया रेशियो) में छूट जैसी स्कीमें तैयार की हैं। ताकि आसपास के क्षेत्रों में बेहतर सुविधाएं पाने के लिए ये इकाइयाँ चंडीगढ़ छोड़ने की सोच न सकें।
समर्थन के इस भारी नेटवर्क के माध्यम से चंडीगढ़ प्रशासन ने लगभग 43 करोड़ रुपये की विशेष निधि की घोषणा की है, जो स्थानीय उद्योगों के पुनरुद्धार हेतु इस्तेमाल की जाएगी। इस निधि का लक्ष्य चंडीगढ़ के MSME क्षेत्र को न केवल घरेलू बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रतिस्पर्धी बनाना है। अंततः, चंडीगढ़ को नवाचार और पैकेजिंग के क्षेत्र में एक विशेष केंद्र बनाने के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं, जिससे स्थानीय उद्योग अपने उत्पादों को बेहतर तरीके से बाजार में पेश कर सकें और आर्थिक विकास को नई दिशा दे सकें। इस विकास कार्यक्रम के माध्यम से चंडीगढ़ का औद्योगिक परिदृश्य पूरी तरह से बदलने की योजना है, जिससे नए रोजगार सृजन होंगे और आर्थिक समृद्धि में सुधार आएगा।