पंजाब के बरनाला शहर में इस साल दशहरा उत्सव की तैयारियां धूमधाम से पूरी हो चुकी हैं। बरनाला में आयोजित होने वाला 48वां दशहरा मेला इस बार विशेष रूप से भव्य और रंगीन तरीके से मनाया जाएगा। दशहरा कमेटी के मेला इंचार्ज प्रवीण सिंगला और अमन ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि पिछले चार दशकों से अधिक समय से इस शहर में दशहरा पर्व का आयोजन किया जा रहा है। इस बार का कार्यक्रम विशेष रूप से आलिशान और यादगार बनाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें 65 फीट ऊँचाई का रावण और तीन अन्य पुतले बनाए गए हैं।
इस मेले में विशेष आतिशबाजी और लाइटिंग की व्यवस्था की गई है, जो इस उत्सव को और भी रोमांचक बनाएगी। प्रवीण सिंगला ने जानकारी दी कि शोभायात्रा पंचायती मंदिर बरनाला से शुरू होगी, जो शाम 6 बजे बरनाला के बाजारों में घूमते हुए मेले तक पहुंचेगी। शोभायात्रा में स्थानीय बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाएगा, जो इस अवसर को और भी खास बनाएंगे। सांसद गुरमीत सिंह मीत हेयर भी इस कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे, जो बरनाला की स्थानीय जनता के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर होगा।
दशहरा पर्व के इस धूमधाम में रावण के पुतले को सजाने में जुटे रघबीर सिंह गोल्डी ने बताया कि वह पिछले 16 सालों से रावण के पुतले बना रहे हैं। इस बार का पुतला विशेष रूप से आकर्षक बनाया गया है, जिसमें अद्वितीय लाइटिंग का इस्तेमाल किया गया है, जिससे इसका दृश्य और भी खूबसूरत होगा। गोल्डी ने कहा कि इस पुतले की सजावट यह सुनिश्चित करती है कि यह मेले का मुख्य आकर्षण रहेगा।
बरनाला और धनौला में भी दशहरा का त्योहार मनाने की तैयारियां की गई हैं। इस उपलक्ष्य में बरनाला पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सजगता दिखाई है। डीएसपी सतवीर सिंह ने बताया कि त्योहारों के दौरान बाजारों में भीड़ भाड़ रहती है, जिसे देखते हुए पुलिस द्वारा लगातार गश्त और नाकाबंदी का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि त्योहार का उल्लास न केवल आनंददायक हो, बल्कि सुरक्षित भी।
सम्पूर्ण बरनाला शहर में इस मौसम में व्याप्त उत्साह दिखाता है कि लोग इस पर्व का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। दशहरा न केवल रावण के प्रतीकात्मक दहन की कथा है, बल्कि यह अच्छे और बुरे के बीच के संघर्ष का प्रतीक भी है। इस प्रकार, इस आयोजन के साथ बरनाला के नागरिक एकजुट होकर दशहरा पर्व का आनंद उठाने के लिए तत्पर हैं।