पंजाब के पठानकोट जिले के राजपरूरा गांव स्थित सरकारी हाई स्मार्ट स्कूल में बच्चों से काम कराने के विरोध में एक गंभीर मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में देखा जा सकता है कि बच्चे निर्माण स्थल पर ईंटें ढो रहे हैं। इस घटना ने शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन के लिए चेतावनी का संकेत दिया है। इस स्कूल में नए भवन का निर्माण कार्य चल रहा है, और स्थानीय निवासियों का आरोप है कि स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे मजदूरी करने के लिए मजबूर किए जा रहे हैं।
गांव के कुछ निवासियों ने इस घटना को लेकर अपनी चिंताओं को व्यक्त करते हुए कहा कि बच्चों का निर्माण कार्य में प्रयोग किया जा रहा है, जो न केवल अवैध है बल्कि उनके अधिकारों का उल्लंघन भी है। क्षेत्र के लोगों ने शिक्षा विभाग से कार्रवाई की मांग की है, यह कहते हुए कि सरकारी धन का उपयोग करते हुए स्कूल प्रबंधन को बच्चों से काम नहीं करवाना चाहिए। उल्लेखनीय है कि सरकारी स्कूलों को ग्रांट मिलती है, जिसका उपयोग बच्चों के विकास और शिक्षा के लिए होना चाहिए, ना कि उन्हें मजदूरों की तरह काम करवाने के लिए।
इस मामले में जब स्कूल की प्रधान अध्यापिका मंजू बाला से बातचीत की गई तो उन्होंने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बच्चे स्कूल में पौधे लगाने का कार्य कर रहे थे। उनका कहना था कि बच्चों से किसी प्रकार का काम नहीं करवाया गया है, और यह कार्य उन्होंने अपनी इच्छा से किया है। उन्होंने यह भी कहा कि उनका विद्यालय हमेशा सकारात्मक कार्यों में संलग्न रहता है, जिसे कुछ ग्रामीण नहीं समझते हैं।
इस विवाद पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी राजेश कुमार ने कहा कि इस मामले की गंभीरता को समझते हुए उन्होंने स्कूल से संबंध में एक रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद सभी बिंदुओं की विस्तृत जांच की जाएगी और उसके अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी। उनके अनुसार, बच्चे ही इस मामले का केंद्र हैं, और उनकी भलाई सबसे पहले आती है। शिक्षा विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बच्चे सुरक्षित और शिक्षित रहें, और यदि किसी प्रकार की लापरवाही पाई जाती है तो कार्रवाई की जाएगी।
इस तरह के मामलों की जांच करना न केवल जरूरी है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी आवश्यक है कि बच्चों के अधिकारों का पूरा सम्मान किया जाए। ऐसी घटनाएं समग्र शिक्षा प्रणाली को प्रभावित करती हैं और समाज में एक नकारात्मक संदेश भी फैलाती हैं। इसलिए, सभी जिम्मेदार पक्षों को इस दिशा में उचित कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो।