वायरल ऑडियो में आतंकी डाल्ला का दावा: फरीदकोट हत्याकांड में अमृतपाल बेकसूर, पंजाबी इन्फ्लुएंसर को धमकी!

फरीदकोट में हुए गुरप्रीत सिंह हत्याकांड में नया मोड़ आ गया है। एक कथित ऑडियो संदेश वायरल हो रहा है जिसमें संदिग्ध आतंकी अर्श डाल्ला ने इस वारदात के पीछे खुद की संलिप्तता स्वीकार की है। डल्ला ने पंजाब पुलिस के दिशा-निर्देश के अनुसार, “वारिस पंजाब दे” के प्रमुख और खड़ूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह का नाम जोड़ने को गलत ठहराया है। उसने कहा है कि अमृतपाल इस मामले से पूरी तरह अज्ञात हैं तथा उसकी हत्या के लिए उसने खुद जिम्मेदारी ली है। अर्श डाल्ला का यह ऑडियो डीजीपी गौरव यादव की प्रेस कांफ्रेंस के बाद तेजी से फैला है, जिसमें उन्होंने अमृतपाल की संलिप्तता के बारे में बताया था।

डल्ला ने अपने ऑडियो में स्पष्ट किया कि गुरप्रीत सिंह की हत्या का कारण पुरानी रंजिश थी। पिछले छह महीनों में गुरप्रीत द्वारा की गई गालियों का जिक्र करते हुए उसने कहा कि इस मामले में उसके आह्वान पर कार्रवाई की गई। डाल्ला के अनुसार, गुरप्रीत ने महिलाओं की आपत्तिजनक तस्वीरों को एडिट किया था, जो उनकी कार्रवाई का मुख्य कारण बना। साथ ही, उसने यह भी कहा कि अगर गुरप्रीत वास्तव में कौम का दर्द समझता होता, तो वह उन लोगों को अपना निशाना बनाने की बजाय उन पर कार्रवाई करता जिन्होंने बेअदबी की थी।

इस कथित ऑडियो में डाल्ला ने सोशल मीडिया पर वीडियो बनाने वालों को भी धमकी दी और कहा कि यदि वे अपने कार्यों से पीछे नहीं हटे, तो उन्हें भी गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। उसने सख्त शब्दों में कहा कि अगर ऐसी स्थिति पैदा होती है, तो प्रशासन को स्वयं इस पर ध्यान देना होगा। उसकी सलाह थी कि समाज के माहौल को खराब कर रहे लोगों के खिलाफ अगर कुछ नहीं किया गया, तो इसकी आगामी परिणामस्वरूप कोई तूफान नहीं आएगा।

गुरप्रीत Singh की हत्या 9 अक्टूबर को हुई थी। उस दिन वह अपने समर्थकों के साथ घर लौट रहा था, तभी बाइक सवार हमलावरों ने उसे गोलियों से भून दिया। पुलिस द्वारा बनाई गई विशेष जांच दल (एसआईटी) अब इस मामले में तेजी से कार्रवाई कर रही है। आरोपियों की पहचान की गई है, और उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि यह हत्या एक संगठित अपराध का हिस्सा है और इसमें कई ग्रुप शामिल हैं।

इस हत्याकांड ने पंजाब में एक बार फिर से आतंकवाद और संगठित अपराध की चर्चा को गर्म कर दिया है। अब देखना है कि पुलिस इसके पीछे के सभी पहलुओं को ठीक से उजागर कर पाती है या नहीं। राज्य की कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए जरूरी है कि सभी जिम्मेदार पक्ष इस मामले में अपनी भूमिका अदा करें। पुलिस की जांच कितनी सफल होगी, यह तो समय बताएगा, लेकिन इस हादसे ने समाज में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है।