मुक्तसर में प्रॉपर्टी व्यापारियों का उग्र प्रदर्शन: काले झंडों संग सरकार को चेताया!

पंजाब के मुक्तसर क्षेत्र में प्रॉपर्टी से जुड़े व्यवसायियों ने गिद्दड़बाहा में सड़कों पर उतरकर पंजाब सरकार के खिलाफ आक्रोश जताया। इस दौरान उन्होंने शहर के विभिन्न इलाकों में रोष मार्च निकाला और मटका फोड़ प्रदर्शन किया। व्यवसायियों का आरोप है कि सरकार ने रजिस्ट्रेशन के लिए कलेक्टर रेट में भारी बढ़ोतरी कर दी है, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। एनओसी (नॉन-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) संबंधी समस्याएं भी उनके लिए चुनौतियों का सबब बन रही हैं।

प्रॉपर्टी कारोबारियों ने हुसनर चौक, भारू चौक और सकूर्लर रोड जैसे प्रमुख स्थलों पर काले झंडे लेकर धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने घंटाघर चौक पर कुछ समय के लिए अपना धरना रोका और अपनी समस्याओं के समाधान की मांग की। इस मौके पर बोलते हुए मुक्तसर के प्रॉपर्टी कारोबारी अशोक चुघ ने स्पष्ट किया कि वे अपनी आवाज को मजबूती से उठाने का फैसला कर चुके हैं। उनकी योजना है कि पंजाब में होने वाले विधानसभा के उप चुनावों के दौरान वे उन स्थानों पर जाकर सरकार के खिलाफ रुख अपनायेंगे।

रोष प्रदर्शन का हिस्सा बने कारोबारियों ने कहा कि वे पिछले 13 दिन से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की ओर से कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। इस दौरान, करमजीत करमा ने भी अपने विचार साझा करते हुए कहा कि उनका यह आंदोलन आम आदमी पार्टी की सरकार के खिलाफ जागरूकता फैलाने के लिए है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार लगातार नए-नए टैक्स लगाकर उन्हें परेशान कर रही है, जबकि उनकी समस्याओं की अनदेखी की जा रही है।

यह प्रदर्शन राज्य की राजनीति में भी महत्वपूर्ण मोड़ ला सकता है, खासकर जब चुनावों का समय निकट है। प्रदेश के व्यवसायियों के इस गुस्से को सरकार के लिए एक चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है। वे चाहते हैं कि उनके मुद्दों का हल जल्द निकाला जाए, ताकि वे बिना किसी बाधा के अपने व्यवसाय को आगे बढ़ा सकें। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो वे आगे भी अपने आंदोलन को जारी रखेंगे। उनका उद्देश्य इस बार केवल अपने व्यवसाय की रक्षा करना नहीं, बल्कि राज्य की अन्य समस्याओं के प्रति भी लोगों को जागरूक करना है।

इस प्रकार के प्रदर्शन और आक्रोश से यह स्पष्ट होता है कि पंजाब में व्यवसायी वर्ग के सामने कई समस्याएं हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। आगे आने वाले चुनावों में इन समस्याओं का कितना प्रभाव पड़ेगा, यह तो समय ही बताएगा, लेकिन फिलहाल व्यवसायियों का चेहरा इस आंदोलन की गूंज को दर्शाता है।