मोगा: पुलिया से टकराने से बुजुर्ग राजमिस्त्री की दुखद मौत!

पंजाब के मोगा जिले में लंडेके गांव के एक 60 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति की एक दर्दनाक दुर्घटना ने इलाके में शोक की लहर फैला दी है। यह वाकया देर रात हुआ जब वह अपने काम से लौट रहे थे। मृतक, दर्शन सिंह, एक अनुभवी राजमिस्त्री थे और पिछले कुछ घंटों से बाघा पुराना में काम कर रहे थे। जब वो अपने घर लौट रहे थे, तब गांव गिल के पास उनकी बाइक एक पुलिया से टकरा गई। इस हादसे में दर्शन सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए।

जांच अधिकारी दलजीत सिंह ने बताया कि दर्शन सिंह की बेटी मनप्रीत कौर ने पुलिस को अपनी शिकायत में बताया है कि उसके पिता जब बाघा पुराना से लौट रहे थे, तभी यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटित हुई। टक्कर के तुरंत बाद, उन्हें स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां डॉक्टरों ने उनकी स्थिति को गंभीर देखते हुए तुरंत उच्चतर चिकित्सा केंद्र के लिए रेफर कर दिया। लेकिन, परेशान करने वाली बात यह रही कि जब परिवार के सदस्य उन्हें दूसरे अस्पताल ले जा रहे थे, तब रास्ते में ही दर्शन सिंह की मृत्यु हो गई।

यह दुखद घटना न केवल उनके परिवार के लिए, बल्कि पूरे गांव के लिए एक गहरा सदमा है। बुजुर्ग राजमिस्त्री परिवार का एक महत्वपूर्ण सदस्य थे और उनके काम के लिए उनकी पहचान थी। स्थानीय लोगों में उनके प्रति गहरी संवेदनाएं हैं और सभी उनकी याद में शोक व्यक्त कर रहे हैं। इस हादसे ने उन परिवारों की चिंता को भी बढ़ा दिया है, जो इस तरह की समस्याओं का सामना कर रहे हैं।

इस मामले की जांच थाना बाघा पुराना पुलिस ने शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि परिवार के सदस्यों के बयानों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, सड़क सुरक्षा के मुद्दे पर क्षेत्र में चर्चा शुरू हो गई है। लोग इस बात पर विचार कर रहे हैं कि कैसे इस तरह की घटनाओं को टाला जा सकता है और किस तरह से स्थानीय प्रशासन इसे रोकने के लिए कदम उठा सकता है। हालांकि, इस हादसे से जुड़ी अधिक जानकारी और कारकों की जांच की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को कम किया जा सके।

दर्शन सिंह की आकस्मिक मृत्यु ने न केवल उनके परिवार को ही नहीं, बल्कि पूरे समुदाय को झकझोर दिया है। उनकी याद में आयोजित शोक सभा में लोगों ने उनकी योगदान की सराहना की और उनके परिवार को इस मुश्किल वक्त में सहारा देने की बात कही। स्थानीय निवासियों का मानना है कि इस दुखद घटना के बाद सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना आवश्यक है, ताकि ऐसी घटनाएं भविष्य में न हों।