चब्बेवाल विधानसभा क्षेत्र में उप चुनाव के अंतर्गत भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रत्याशी सोहन सिंह ठंडल ने अपना नामांकन पत्र अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर और रिटर्निंग अधिकारी राहुल चाबा के समक्ष प्रस्तुत किया। नामांकन के इस अवसर पर सोहन सिंह के साथ कई प्रमुख नेता मौजूद रहे, जिनमें पूर्व केंद्रीय मंत्री सोम प्रकाश, अविनाश राय खन्ना, पूर्व कैबिनेट मंत्री तीक्ष्ण सूद और विजय सांपला शामिल थे। राजनीतिक हलकों में यह नामांकन एक बड़ी चर्चा का विषय बन गया है, खासकर जब पार्टी के नेताओं ने राज्य की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर अपनी नाराजगी व्यक्त की।
इस मौके पर, पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय सांपला ने पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार और कांग्रेस पार्टी की नीतियों पर कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने पंजाब को 43 हजार करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी है, लेकिन इसके बावजूद राज्य सरकार ने कोई सकारात्मक पहल नहीं की है। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार केंद्र सरकार पर अनावश्यक आरोप लगाकर अपनी जिम्मेदारियों से भाग रही है।
सांपला ने किसानों की समस्याओं पर भी चिंता व्यक्त की, विशेष रूप से मंडियों में आने वाली कठिनाइयों के संदर्भ में। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा अनाज की लिफ्टिंग में हो रही देरी से किसानों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने पंजाब सरकार से स्पष्ट जवाब मांगते हुए कहा कि अगर भगवंत मान की सरकार राज्य में सही ढंग से काम नहीं कर रही है, तो उन्हें इस्तीफा देने पर विचार करना चाहिए।
सोहन सिंह ठंडल का नामांकन इस राजनीतिक महापरिवर्तन के बीच एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। भाजपा पंजाब में अपनी स्थिति को मजबूत करने की कोशिश कर रही है और ठंडल जैसे अनुभवी नेता को मैदान में उतारना उनकी रणनीति का हिस्सा है। इसके साथ ही, भाजपा का लक्ष्य यह है कि वे स्थानीय मुद्दों को उठाकर चुनावी माहौल को अपने पक्ष में कर सकें।
इस बीच, चब्बेवाल की राजनीतिक गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित करते हुए राज्य की जनता भाजपा के इन बयानों और कार्रवाइयों पर नजर रखेगी। सोहन सिंह ठंडल और उनके साथियों ने जिस तरह से चुनावी मोर्चे पर कदम रखा है, वह निश्चित ही इस उप चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इन घटनाक्रमों का असर आगामी चुनाव के परिणामों पर पड़ना तय है, जिससे यह देखा जाएगा कि पंजाब में राजनीतिक परिदृश्य किस दिशा में आगे बढ़ता है।