“जालंधर कुल्हड़-पिज्जा कपल विवाद: निहंगों का धमाका, पगड़ी के लिए जेल जाने को तैयार!”

पंजाब के जालंधर में कुल्हड़ पिज्जा से जुड़ी एक विवादास्पद घटना के ताजा मोड़ में निहंगों ने फिर से अपना विरोध व्यक्त किया है। निहंग मान सिंह अकाली का कहना है कि कुल्हड़ पिज्जा का जो कपल है, उसने हाल ही में पंजाब की हाईकोर्ट का रुख किया, जहां उन्होंने सुरक्षा मांग की थी। मान सिंह ने यह स्पष्ट किया है कि जो भी उनके पगड़ी का अपमान करेगा, उसे छोड़ा नहीं जाएगा। उनका यह भी कहना था कि जेलों का डर हमसे नहीं है, हाईकोर्ट के सुरक्षा आदेशों का मतलब यह नहीं है कि हम मैदान छोड़ देंगे। उनका स्पष्ट संदेश है कि अगर कोई अधिक बढ़ता है, तो हम दोनों में से कोई एक नहीं बचेगा।

आगे, मान सिंह ने कहा कि हमें व्यक्तिगत जीवन जीने का हक है और इसे सार्वजनिक रूप से नहीं बयां किया जाना चाहिए। इस बीच, हाईकोर्ट ने कुल्हड़ पिज्जा के कपल को सुरक्षा मुहैया करवाने का आदेश दिया है और पंजाब पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। कपल ने इस मामले पर एक वीडियो जारी किया है, जिसमें उन्होंने कहा कि वे अपने परिवार के साथ श्री दरबार साहिब (गोल्डन टेंपल) जाएंगे और वहां अपनी बात रखते हुए पूछेंगे कि क्या वे दस्तार सजा सकते हैं या नहीं।

सहज ने अपनी पत्नी गुरप्रीत के साथ उस वीडियो में कहा कि यदि वे गलत हैं तो उन्हें सजा मिलनी चाहिए। यह वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ। निहंगों के विरोध को देखते हुए मान सिंह ने एक नया वीडियो जारी किया। सहज ने आरोप लगाया कि उनके और उनके परिवार के खिलाफ हो रहे अन्याय की बात सुनी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि उनका संगठन सच्चाई और अन्याय के खिलाफ हमेशा खड़ा रहेगा। उन्होंने श्री अकाल तख्त साहिब से भी उनकी और उनके परिवार की सुरक्षा का आग्रह किया है।

हाल ही में जालंधर में कुल्हड़ पिज्जा के रेस्टोरेंट के बाहर निहंगों ने बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किया। उनका आरोप था कि कुल्हड़ पिज्जा कपल द्वारा वायरल की गई अश्लील वीडियो का बच्चों पर नकारात्मक असर पड़ रहा है और उन्होंने मांग की कि यदि कपल उस वीडियो को सभी सोशल मीडिया प्लेटफार्मों से हटा देता है तो समस्या का हल निकल सकता है। निहंगों ने चेतावनी दी थी कि यदि वीडियो न हटाई गई तो वे कठोर कदम उठाने के लिए तैयार हैं। उन्हें स्पष्ट कहा गया कि वे जेल जाने से नहीं डरते हैं और इस मामले में अपनी आवाज उठाना जारी रखेंगे।

प्रदर्शन के दौरान थाना डिवीजन नंबर 4 के प्रभारी ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को सामान्य किया था, लेकिन निहंगों ने चेतावनी दी थी कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वह इसके लिए स्वयं जिम्मेदार होंगे। इस घटना ने जालंधर में एक नया सामाजिक विवाद जन्म दे दिया है, जिससे स्थानीय और राज्य स्तर पर कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर चिंता बढ़ गई है।