लुधियाना शहर में हालिया दिनों में सड़कों पर लग रहे भीषण जाम ने निवासियों को खासा परेशान कर दिया है। दीवाली जैसे महत्वपूर्ण त्योहार के चलते, लोग बाजारों में खरीददारी के लिए निकल रहे हैं, लेकिन यही खरीददारी एक बडे़ संकट का रूप ले चुकी है। ऐसी स्थिति है कि बीस मिनट की यात्रा भी घंटों में खत्म हो रही है, विशेषकर शहर के प्रमुख बाजारों में। शाम होते ही शहर की हर सड़क पर जाम की समस्या और भी विकट हो जाती है, जिससे यातायात पुलिस के लिए समुचित प्लानिंग करना भी मुश्किल हो जाता है।
दीवाली की तैयारियों के बीच, लोग विभिन्न उपहार सामान और घर सजाने के लिए जरूरी चीजें दोगुनी रफ्तार से खरीद रहे हैं। दुकानदारों ने भी अपने-अपने स्टाल्स बाहर लगा दिए हैं, जहां ग्राहक सुबह से लेकर शाम तक बड़ी तादाद में इकट्ठा हो रहे हैं। परंतु, खरीदारी की इस भीड़-भाड़ का नतीजा शहर के कुछ इलाकों जैसे हैबोवाल, घुमार मंडी, मॉडल टाउन, घंटाघर चौक, रेलवे स्टेशन, आरती चौक, केसरगंज और जसिसयां रोड पर बढ़ते ट्रैफिक जाम के रूप में दिखाई दे रहा है। यहां जाम की समस्या दोपहर शुरू होते ही गंभीर रूप ले लेती है।
शहर के विभिन्न छोटे इलाकों में जहां एक ओर अपराध नियंत्रण और अवैध ठिकानों का अस्तित्व समस्या बढ़ाता है, वहीं नगर निगम और यातायात पुलिस मामले की गंभीरता को लेकर उदासीन नजर आ रही है। हर साल दीवाली पर ट्रैफिक की समस्या एक आम समस्या हो जाती है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस बार भी अपनी आंखें बंद किए हुए हैं, जिससे शहरवासियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
हालांकि, दीवाली के इस अवसर पर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस पूरी तरह से सतर्क है। डीसीपी शुभम अग्रवाल ने इस संबंध में जानकारी दी है कि सुरक्षा के मद्देनजर शहर में विशेष नाकों की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा, वृद्धि हुई भीड़-भाड़ वाले बाजारों में ट्रैफिक नियंत्रण के लिए पुलिस कर्मियों की तैनाती की जा रही है। उन्होंने अपनी अपील में कहा कि त्योहार के दौरान लोग पुलिस प्रशासन का सहयोग करें, ताकि व्यक्ति हमेशा सुरक्षित रह सकें और जाम की समस्याओं का समाधान हो सके।
दिवाली जैसे महापर्व पर, जहां एक ओर खुशियों का माहौल है, दूसरी ओर ट्रैफिक और जाम की समस्याएं यह याद दिलाती हैं कि सही सिस्टम और व्यवस्था की कितनी जरूरत है। ऐसे में नागरिकों को भी चाहिए कि वे购买दारी के समय अधिक सावधानी बरतें। अगर यातायात की समस्याओं से निपटना है तो केवल प्रशासन ही नहीं, बल्कि आम जनता को भी अपने कर्तव्यों का पालन करना होगा।