पंजाब-हरियाणा के सीएम से मिलेंगे गुलाब चंद कटारिया, पीयू के अनुदान पर अहम चर्चा!

पंजाब और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों के साथ होने वाली एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता पंजाब के राज्यपाल और यूटी प्रशासक गुलाब चंद कटारिया करेंगे। यह बैठक पंजाब विश्वविद्यालय (पीयू) के दो अत्यन्त महत्वपूर्ण मुद्दों, यानी अनुदान जारी करने और हरियाणा के कॉलेजों की संबद्धता पर चर्चा करने के लिए आयोजित की जा रही है। यह मुद्दे लंबे समय से लम्बित हैं और इनका समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। इस बैठक की तारीख तय की जाएगी और इससे संबंधित निर्णय सकारात्मक दिशा में ले जाने का लक्ष्य है।

इस बैठक का निर्णय उत्तरी क्षेत्रीय परिषद (एनजेडसी) की स्थायी समिति की एक हालिया बैठक में लिया गया। इसमें पंजाब और हरियाणा के मुख्य सचिवों सहित कई महत्वपूर्ण अधिकारियों ने भाग लिया था। हालांकि, इसमें निर्णय लेने की जिम्मेदारी संबंधित राज्यों के राजनीतिक नेतृत्व पर छोड़ी गई है, जिसके चलते इसे एक महत्वपूर्ण राजनीतिक मुद्दा माना जा रहा है।

पंजाब विश्वविद्यालय के वित्तीय सहायता के मुद्दे पर, विशेष रूप से केंद्र सरकार ने इस वर्ष विश्वविद्यालय के लिए वार्षिक अनुदान को 294 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 346 करोड़ रुपये करने का निर्णय लिया है। इस राशि में 6% की वार्षिक वृद्धि बनाए रखने का प्रावधान भी किया गया है। इसके अतिरिक्त, पंजाब सरकार भी विश्वविद्यालय को वित्तीय सहायता देने की योजना पर विचार कर रही है।

हरियाणा के कॉलेजों की पीयू से संबद्धता का मामला भी जटिल हो चुका है। हरियाणा सरकार ने वित्तीय सहायता के बदले पंचकूला, अंबाला और यमुनानगर जिलों के कॉलेजों को पीयू से जोड़ने का अनुरोध किया है। लेकिन विभिन्न कारणों से इस मुद्दे पर पंजाब और हरियाणा के बीच आपसी सहमति नहीं बन पाई है। पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने विश्वविद्यालय के कुल व्यय का 40% तक योगदान देने का प्रस्ताव दिया था, जिसे पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अस्वीकार कर दिया था। इसके अलावा, पंजाब विधानसभा ने भी 30 जून 2023 को पीयू की वर्तमान स्थिति में किसी भी बदलाव का विरोध करने के लिए एक प्रस्ताव पारित किया था।

आगे की रणनीति के तहत, चूंकि यह मुद्दा लंबे समय से अटका हुआ है और अब तक राजनीतिक सहमति नहीं बन पाई है, इसलिए अब नौकरशाहों की भूमिका सीमित हो गई है। इस परिस्थिति में राजनीतिक स्तर पर चर्चा करना अत्यंत आवश्यक हो गया है ताकि दोनों राज्यों के बीच सहमति स्थापित की जा सके। गुलाब चंद कटारिया की अध्यक्षता में होने वाली यह बैठक एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करेगी, जब दोनों मुख्यमंत्रियों के लिए अपने विचारों और योजनाओं को साझा करने का मंच होगा और इससे पंजाब विश्वविद्यालय के भविष्य के संबंध में ठोस निर्णय लेने में मदद मिलेगी।