गुरुद्वारा पहुंचे केंद्रीय मंत्री बिट्टू का दावा, 2027 में बनेगी भाजपा सरकार!

पंजाब के मुक्तसर जिले में केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू का हालिया दौरा चर्चाओं का विषय बन गया है। शुक्रवार को, उन्होंने गुरुद्वारा शहीद गंज साहिब में जाकर नतमस्तक होकर विशेष प्रार्थना की। इस दौरान, पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुए बिट्टू ने बताया कि वे अपने मंत्री बनने की खुशी में आयोजित श्री अखंड पाठ साहिब के भोग में शामिल होने के लिए वहाँ पहुंचे थे। उनका यह दौरा धार्मिक आस्था और सामाजिक संपर्क को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

पत्रकारों द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए, बिट्टू ने पंजाब की राजनीति में चल रही पारिवारिक समीकरणों पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि राजा वडि़ंग ने अपनी पत्नी को टिकट देकर यह साबित कर दिया है कि उनके लिए परिवार की प्राथमिकता सबसे ऊपर है। इससे साफ है कि पंजाब की राजनीति में पारिवारिक लाभ की प्रवृत्ति का प्रभाव दिखाई दे रहा है। इस पर बिट्टू ने गिद्दड़बाहा के कांग्रेसियों पर भी टिप्पणी की और उन पर तरस जताया, जो कि कवरिंग उम्मीदवार होने के नाते अपने मामा के कागज भरने में व्यस्त हैं।

भाजपा के प्रति बिट्टू ने भी अपनी राय रखी। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि किसानों का विरोध भाजपा नहीं, बल्कि किसान नेता कर रहे हैं। यह संकेत करे कि पंजाब के किसान आंदोलन में राजनीतिक नेतृत्व की भूमिका महत्वपूर्ण होती जा रही है। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि किसान नेताओं की संपत्ति की जांच का मुद्दा भी उठाया जा सकता है, जिससे यह अनुमाना लगाया जा सकेगा कि उनके वास्तविक हित किसके साथ हैं।

बिट्टू ने अपने संवाद में मुक्तसर के विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी जताई। उन्होंने विश्वास दिलाया कि अपने क्षेत्र को रेलवे लिंक के माध्यम से दिल्ली और चंडीगढ़ से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। उनका यह बयान मुक्तसर के निवासियों के लिए एक सकारात्मक संकेत है, जिससे वहाँ के विकास को गति मिलेगी। इस प्रकार, रवनीत सिंह बिट्टू का यह दौरा न सिर्फ धार्मिक आस्था का प्रतीक था, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर उनकी गहरी सोच और योजनाओं को भी उजागर करता है।

इस प्रकार, मंत्री बिट्टू का यह दौरा मुक्तसर जिले की राजनीति में महत्वपूर्ण बदलाव लाने का आश्वासन देता है। वहीं, किसानों के मुद्दों को सुलझाने में भी उनकी सक्रियता देखने को मिल रही है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि वे अपनी योजनाओं को किस प्रकार अमल में लाते हैं और पंजाब की राजनीति में अपनी पहचान को मजबूती प्रदान करते हैं।