ढाई साल बाद फिर उड़ेगी अमृतसर-नांदेड़ फ्लाइट, मोदी की बड़ी घोषणा!

पंजाब के अमृतसर और महाराष्ट्र के नांदेड़ के बीच हवाई सेवा जल्द शुरू की जा सकती है। इस संबंध में संकेत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में दिए। प्रधानमंत्री ने ओकला, महाराष्ट्र में एक चुनावी रैली के दौरान बताया कि नांदेड़ से दिल्ली और आदमपुर के लिए हवाई सेवाएं शुरू हो चुकी हैं, और जल्द ही सिख समुदाय के लोगों को अमृतसर तक हवाई यात्रा करने का अवसर मिलेगा। हालांकि, उन्होंने फ्लाइट सेवा की शुरूआत की तारीख के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। यह रूट सिख धर्म के दो प्रमुख तख्तों को जोड़ता है, इसलिए इसकी महत्ता और भी बढ़ जाती है।

गौरतलब है कि अमृतसर-नांदेड़ फ्लाइट सेवा को लगभग ढाई साल पहले बंद कर दिया गया था, जिसका स्थानीय समुदाय ने विरोध किया था। यह सेवा 2022 की शुरुआत में रोक दी गई थी। इससे पहले, 30 सितंबर 2021 को भी इस फ्लाइट को बंद किया गया था, जिसके बाद शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) और तत्कालीन मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने इस मुद्दे को उठाया था। उस समय SGPC की अध्यक्ष बीबी जागीर कौर और पूर्व मुख्यमंत्री चन्नी ने उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को पत्र लिखकर अपनी चिंताओं का इज़हार किया था।

बीते समय में विवाद के बाद 24 नवंबर 2021 को इस फ्लाइट की सेवा फिर से शुरू की गई थी, लेकिन यह केवल तीन महीने तक ही चल सकी। जब यह सेवा शुरू हुई थी, तो अमृतसर से नांदेड़ के लिए हर बुधवार और नांदेड़ से अमृतसर के लिए हर शनिवार उड़ानें निर्धारित की गई थीं। लेकिन, इसके बाद से इस सेवा को एक बार फिर बंद कर दिया गया जिसके कारण सिख समुदाय में निराशा का माहौल है।

अमृतसर और नांदेड़ के बीच की ये हवाई सेवा हमारे सिख भाइयों के लिए अत्यंत आवश्यक है। यह दोनों तख्तों, यानी पटना साहिब और नांदेड़ साहिब के बीच सीधी यात्रा को सुगम बनाती है। यात्रियों को समय की बचत करने के साथ-साथ यात्रा की सुविधा भी देती है। प्रधानमंत्री के हालिया बयान से उम्मीद जगी है कि एक बार फिर यह सेवा स्थानीय लोगों के लिए उपलब्ध हो सकेगी, जिससे धार्मिक और सामाजिक अनुभव को और भी बेहतर बनाया जा सकेगा।

इससे न केवल सिख समुदाय को लाभ होगा, बल्कि यह देश में पर्यटन को भी बढ़ावा देने में सहायक सिद्ध हो सकता है। फिलहाल, यह देखना होगा कि सरकार इस दिशा में कब और कैसे कदम उठाती है। उम्मीद है कि जल्द ही इस महत्वपूर्ण रूट पर हवाई सेवाएं शुरू होंगी, जिससे सिख श्रद्धालुओं को लाभ होगा और उनकी धार्मिक यात्रा को एक नया आयाम मिलेगा।