पंजाब के होशियारपुर जिले में पुलिस ने तीन अलग-अलग हत्याओं के मामलों में शामिल 15 आरोपियों का पता लगाते हुए 6 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस बात की जानकारी पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र लांबा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से दी। उन्होंने कहा कि शनिवार को हुई इन हत्याओं में एक महिला सहित कुल पांच लोगों की जान गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। मामलों की जांच के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का नेतृत्व करने वाली विशेष टीमों का गठन किया गया था।
पुलिस ने बताया कि पहले केस, जिसमें बलविंदर कौर का हत्या शामिल है, को सिर्फ 4 घंटे में सुलझाया गया। हत्याकांड की जांच करने वाले एसएचओ गुरिंदरजीत सिंह नागरा ने मनदीप सिंह, जो कि तलवंडी डंडियों का निवासी है, को गिरफ्तार किया। बलविंदर कौर की बेटी मनदीप सिंह की भाभी है, और उनके बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। रिपोर्ट के अनुसार, मनदीप को यह संदेह था कि बलविंदर कौर उसकी भाभी को बहकाकर आपसी झगड़े का कारण बन रही है और बच्चों से मिलने के लिए रोक रही है। इसी कारणवश मनदीप ने बलविंदर की हत्या कर दी।
दूसरी घटना में, बलविंदर सिंह की हत्या का मामला सामने आया, जहां पुलिस ने खेतों में तैनात किए गए ट्यूबवेल के पास उनकी हत्या की जांच की। बलविंदर सिंह के खिलाफ पहले से ही एक मामला दर्ज था, जिसमें उसने नशे के टीके लगाकर लखप्रीत सिंह की हत्या की थी। पुलिस अब इस मामले में तीन अन्य आरोपियों को पकड़ने के लिए कार्यवाही कर रही है।
तीसरे मामले में मोरांवाली ट्रिपल मर्डर कांड से संबंधित 11 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। इनमें से पुलिस ने गुरप्रीत सिंह, दलजीत सिंह, बलजिंदर सिंह समेत अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस मामले में नशा मुक्ति केंद्र में होने वाली अनियमित गतिविधियों और गुटबंदी को मुख्य कारण बताया जा रहा है। ऐसे में जिन युवकों का वहां आना जाना था, वे गोपी से भी नाराज हो गए थे, जिसके चलते यह वारदात हुई।
पुलिस ने इन मामलों में इस्तेमाल किए गए हथियार, जैसे तेज धार वाले खंड़े और दातर भी बरामद कर लिए हैं। आरोपियों के खिलाफ पहले भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं, और पुलिस की कोशिश है कि फरार आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़कर इन जघन्य अपराधों से जुड़े मामलों को सुलझाया जाए। एसएसपी ने कहा कि यह घटनाएं न केवल कानून व्यवस्था की दृष्टि से गंभीर हैं, बल्कि समाज में बढ़ती असुरक्षा की स्थिति को भी दर्शाती हैं जिसे नियंत्रित करने की आवश्यकता है।