सुखबीर बादल की चौंकाने वाली एंट्री: चोट के बावजूद उपचुनाव की इजाज़त की मांग!

**सुखबीर सिंह बादल ने अकाल तख्त से उप चुनाव की अनुमति मांगी**

श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा तनखैया घोषित किए गए अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह को एक आवेदन सौंपकर जल्दी निर्णय लेने की अपील की है। सुखबीर बादल आज खुद अकाल तख्त साहिब सचिवालय पहुंचे और उन्होंने लिखित आवेदन देकर उप चुनाव में भाग लेने की अनुमति मांगी। इस दौरान गोल्डन टेंपल पहुंचने पर उन्हें पैर में चोट भी लगी, जिससे उनके दाहिने पैर का अंगूठा टूट गया। इसके बावजूद, वह श्री दरबार साहिब में माथा टेकने के बाद अपने आवेदन को लेकर गंभीर रहे।

सुखबीर बादल ने कहा कि अकाली दल के खिलाफ कई वर्षों से नकारात्मक अभियान चल रहा है। उन्होंने बताया कि कुछ पार्टी सदस्यों ने अकाल तख्त साहिब में शिकायत की थी, जिसका स्पष्टीकरण देने के लिए उन्होंने तुरंत पहल की। उनके अनुसार, अकाली दल के लिए श्री अकाल तख्त साहिब सर्वोच्च भूमिका रखता है और हर सिख को इसके आदेशों का पालन करना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि वह हर आदेश का सम्मान करेंगे और इसीलिए वह मदद के लिए आए हैं।

अकाली दल के अध्यक्ष ने अपने आवेदन में यह उल्लेख किया कि पार्टी के सभी वर्कर चाहते हैं कि उन्हें उप चुनाव में भाग लेने की अनुमति दी जाए। उनका कहना था कि विशेष परिस्थितियों के चलते उप चुनाव न लड़ने का निर्णय पंथ को और पंजाब को बहुत नुकसान पहुंचा रहा है। सुखबीर ने ये भी कहा कि उन्हें अकाल पुरख की इच्छाओं के अनुसार नुकसान सहन करना पड़ा है, लेकिन अब समय आ गया है कि उन्हें फिर से लड़ने की इजाजत दी जाए ताकि वह पंथ विरोधी ताकतों का सामना कर सकें।

सुखबीर बादल ने अपनी चोट के बाद भी साहस नहीं खोया और श्री गुरु रामदास चैरिटेबल अस्पताल में उपचार कराने के बाद चंडीगढ़ के लिए रवाना हुए। इस घटना ने उनके वरिष्ठ नेता के प्रति उनकी समर्पण भावना को और स्पष्ट कर दिया। उन्होंने कहा कि वह सिंह साहिबान से अपील करते हैं कि जल्द से जल्द उनके मामले पर निर्णय लिया जाए। सुखबीर ने विश्वास जताया कि जल्द ही उन्हें उचित आदेश मिलेंगे और वह सभी निर्देशों का पालन करेंगे।

अकाली दल के अध्यक्ष के इस आवेदन ने पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच उत्साह जगा दिया है। सभी चाहते हैं कि सुखबीर सिंह बादल को उचित अनुमति मिल सके, जिससे वे चुनावी प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग ले सकें। इस समय, पार्टी की स्थिति और आगामी चुनौतियों को देखते हुए उनके इस कदम को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।