ओडिशा सरकार की योजनाओं में बीजेडी के चुनाव चिह्न शंख के इस्तेमाल पर रोक लगाने से इनकार

नई दिल्ली, 12 जनवरी (हि.स.)। दिल्ली हाई कोर्ट ने ओडिशा सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के प्रचार में बीजू जनता दल के शंख चुनाव चिह्न के इस्तेमाल पर रोक की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। कार्यकारी चीफ जस्टिस मनमोहन की अध्यक्षता वाली बेंच ने याचिकाकर्ता से कहा कि आपको उड़ीसा हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाना चाहिए न कि दिल्ली हाई कोर्ट का। आपने न्यायिक समय की बर्बादी की है।

यह याचिका ओडिशा भाजपा के महासचिव जतिन मोहंती ने दायर की थी। हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ता को उड़ीसा हाई कोर्ट में याचिका दायर करने की अनुमति दे दी। सुनवाई के दौरान जतिन मोहंती की ओर से पेश वकील ने कोर्ट से कहा कि ओडिशा की सत्ताधारी पार्टी सार्वजनिक धन का इस्तेमाल अपनी पार्टी के प्रचार के लिए कर रही है। तब कोर्ट ने कहा कि ये तो हर राज्य में हो रहा है। ये हर राज्य की कहानी है। ये एक राज्य के लिए अनोखी बात नहीं है, हर जगह हो रहा है।

याचिका में कहा गया था कि किसी राजनीतिक दल के चुनाव चिह्न का उपयोग सरकार नहीं कर सकती है जैसा कि ओडिशा सरकार कर रही है। उन्होंने कहा कि ओडिशा सरकार जब मीडिया में सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का प्रचार करती है तो उसमें अपने चुनाव चिह्न शंख का इस्तेमाल करती है। उन्होंने मांग की कि ओडिशा की सत्ताधारी दल बीजू जनता दल को अखबारों, टीवी चैनलों और दूसरे मीडिया में राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का प्रचार करते समय शंख का इस्तेमाल करने से रोका जाए।

याचिका में कहा गया था कि राज्य सरकार का सरकारी योजनाओं के प्रचार के दौरान राजनीतिक दल के चुनाव चिह्न का उपयोग करना राजनीतिक दलों के लिए जारी आदर्श आचार संहिता और एलेक्शन सिंबल्स (रिजर्वेशन एंड अलॉटमेंट) आर्डर के पैरा 16ए का उल्लंघन है।