पंजाब के लुधियाना में हालिया फायरिंग की घटना ने शहर में हलचल मचा दी है। जूता कारोबारी प्रिंकल पर हमलावरों द्वारा गोलीबारी को लेकर सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो चुकी है, जिसके बाद जिला पुलिस कमिश्नर कुलदीप चहल ने CIA-2 के इंचार्ज को लाइन हाजिर कर दिया है। उनके खिलाफ यह आरोप है कि उन्होंने फायरिंग का सीसीटीवी फुटेज लीक किया है। वहीं, प्रिंकल के परिवार का कहना है कि पुलिस अधिकारी पर कार्रवाई करना गलत है।
प्रिंकल के पिता, सतनाम सिंह, ने मीडिया को बताया कि घटना के समय पुलिस घटना स्थल पर काफी देर से पहुंची। उन्होंने बताया कि जब पुलिस ने DVR कब्जे में लिया, तब तक सीसीटीवी फुटेज पहले से ही लोगों के पास थी। प्रिंकल पर फायरिंग करने वाले हमलावरों की वीडियो न केवल प्रिंकल के मित्रों, बल्कि बाजार के कई दुकानदारों के पास भी मौजूद थी। सतनाम सिंह ने कहा कि वे CIA इंस्पेक्टर से असंतुष्ट नहीं हैं और इस मामले में उन पर एकतरफा आरोप लगाना गलत है। थाना डिवीजन नंबर 3 की पुलिस इस मामले की जांच कर रही है, और उन्हें पूरी उम्मीद है कि पुलिस उन्हें न्याय दिलवाएगी।
वैसे, यह सीसीटीवी फुटेज इसलिए महत्वपूर्ण हो गई है, क्योंकि इसमें देखा जा सकता है कि कैसे बदमाश प्रिंकल पर फायरिंग कर रहे थे और प्रिंकल अपनी रक्षा के लिए क्रॉस फायरिंग कर रहे थे। वीडियो में स्पष्ट रूप से बदमाशों को सड़क पर पिस्टल फेंक कर भागते हुए देखा जा सकता है। इस फायरिंग में रिषभ को तीन गोलियां लगीं, जबकि दूसरे बदमाश सुशील को चार गोलियां लगी हैं। रिषभ का ऑपरेशन सफलतापूर्वक हो चुका है, लेकिन दोनों की हालत गंभीर बनी हुई है।
पुलिस ने घटनास्थल से 17 खाली कारतूस बरामद किए हैं। रिषभ और सुशील को तुरंत सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ से उन्हें DMC अस्पताल रेफर किया गया है। वहीं, प्रिंकल की महिला मित्र नवजोत को भी गोली लगने के कारण फोर्टिस अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती किया गया है। नवजोत को रीढ़ की हड्डी के रास्ते गोली किडनी में लगने के कारण उसकी स्थिति चिंताजनक बताई जा रही है। उसे वेंटिलेटर पर रखा गया है, क्योंकि उसके शरीर से भारी मात्रा में खून बह गया है।
इस घटना ने पुलिस प्रशासन में भी हड़कंप मचा दिया है। थाना डिवीजन नंबर 3 की पुलिस ने कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है, जिसमें रिषभ बेनीपाल, हनी सेठी, सुशील कुमार, और अन्य व्यक्तियों के नाम शामिल हैं। इस बार में पुलिस की पूरी टीम इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और डॉक्टरों ने सभी घायलों की स्थिति पर करीबी नजर बनाए रखी है, ताकि उन्हें शीघ्र चिकित्सीय सहायता मिल सके। घटना कैसे हुई और इसके पीछे के कारणों की गहराई से जांच की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।