पंजाब के मोहाली जिले के खरड़ कस्बे में एक चेक के जरिए मोबाइल फोन की खरीदारी के मामले में धोखाधड़ी का एक नया मामला सामने आया है। पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई की कमी के चलते इस मामले ने अदालत की ओर रूख किया। शिकायतकर्ता गुरचरण सिंह ने 19 अक्तूबर 2022 को एसएसपी मोहाली के पास अपनी शिकायत प्रस्तुत की, लेकिन जब पुलिस ने कोई कदम नहीं उठाया, तब उन्हें न्यायालय की मदद लेनी पड़ी।
गुरचरण सिंह का कहना है कि उन्होंने एक मोबाइल फोन बेचने के लिए विज्ञापन जारी किया था। उसी विज्ञापन के माध्यम से आरोपी व्यक्ति, राहुल शर्मा, ने उनसे संपर्क किया। दोनों के बीच 1,29,900 रुपए में सौदा तय हुआ था। आरोपी ने फोन की खरीदारी के लिए चेक और आधार कार्ड की कॉपी दी और साथ ही मोबाइल फोन तथा उसका ओरिजिनल बिल भी ले गया। लेकिन जब गुरचरण ने चेक को अपने बैंक में लगाया, तो यह पता चला कि राहुल का बैंक खाता पहले से ही बंद है। इस धोखाधड़ी से अवगत हो जाने के बाद, गुरचरण ने एसएसपी मोहाली को शिकायत की, मगर पुलिस ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की।
महत्वपूर्ण यह है कि गुरचरण सिंह को बार-बार पुलिस का दरवाजा खटखटाने के बावजूद कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला, जिसके कारण उन्हें अदालत का सहारा लेना पड़ा। 23 जुलाई 2024 को उन्होंने खरड़ अदालत में शिकायत दाखिल की। अदालत ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए खरड़ सिटी के एसएचओ को सम्मन जारी किया। इस पर एसएचओ अदालत में पेश हुए और मामला की गहन जांच के लिए समय मांगा।
अदालत के आदेशों के बाद, अब आरोपी राहुल शर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता गुरचरण सिंह ने गंभीर आरोप लगाया है कि राहुल ने जानबूझकर साजिश रची और मोबाइल का ओरिजिनल बिल लेकर पैसे चुकाने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस समय पर कार्यवाही करती, तो उन्हें न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की आवश्यकता नहीं पड़ती।
यह मामला सिर्फ एक व्यक्तिगत धोखाधड़ी का नहीं है, बल्कि यह इस बात का भी संकेत है कि कैसे न्यायालय के हस्तक्षेप के बिना आम आदमी को न्याय पाने में कितनी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इस तरह के मामले न केवल पीड़ितों के लिए मुसीबतें पैदा करते हैं, बल्कि समाज में कानून के प्रति अविश्वास भी बढ़ाते हैं। अब देखना यह होगा कि पुलिस इस मामले में क्या और कैसे कार्रवाई करती है, और क्या गुरचरण सिंह को सही न्याय मिल पाता है या नहीं।