एमडीएम अस्पताल के वार्ड में लगी आग, महिला मरीज झुलसी
-एक्यूट केयर वार्ड में हुआ हादसा, घटना के दौरान वार्ड में नहीं था कोई नर्सिंग स्टाफ या डॉक्टर
जोधपुर, 18 नवम्बर (हि.स.)। मथुरादास माथुर अस्पताल में रविवार देर रात एक्यूट केयर वार्ड में आग लग जाने से एक महिला मरीज गंभीर रूप से झुलस गई। परिजनों का आरोप है कि इस दौरान कोई नर्सिंग स्टाफ और डॉक्टर वार्ड में नहीं था। वो खुद ही बचाव में लगे रहे। काफी देर के बाद वार्ड में स्टाफ आए तो हालात संभले। हादसे में महिला मरीज का एक हाथ और गले के पास का हिस्सा झुलस गया। उसे आईसीयू में भर्ती करवाया गया है। घटना के बाद मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉक्टर बीएस जोधा ने भी घटनास्थल का दौरा किया। हादसे को लेकर जांच कमेटी बनाई गई है।
घटना मेडिसिन विभाग के एक्यूट केयर वार्ड में रविवार रात ढाई बजे हुई जहां पर गंभीर मरीजों को रखा जाता है और उनकी देखरेख के लिए 24 घंटे नर्सिंग स्टाफ और रेजिडेंट डॉक्टर लगाए जाते हैं। घटना के बाद जो वीडियो सामने आया है, उसमें एक तार में इलेक्ट्रिक शॉर्ट सर्किट नजर आ रहा है। इस वार्ड में पेट संबंधी परेशानी को लेकर महिला मरीज भर्ती थी। उसके ऑक्सीजन लगा हुआ था।
बीड़ी जलाकर डस्टबिन में डालने की आशंका :
संभवत: किसी ने बीड़ी सुलगाकर डस्टबीन में फेंक दी। इससे डस्टबिन में आग लग गई। आग में ऑक्सीजन मास्क वाला हिस्सा जल गया। आगजनी में महिला मरीज करीब बीस प्रतिशत तक झुलस गई। उसे आईसीयू में एडमिट किया गया। प्लास्टिक सर्जन को भी बुलाया गया है।
बताया जा रहा है कि सोमवार सुबह तक इस घटना की जानकारी अस्पताल अधीक्षक डॉ नवीन किशोरिया को नहीं थी। बाद में उन्होंने पता कर बताया कि बीड़ी पीने से हादसा हुआ है। वहीं बताया ये भी जा रहा है कि अस्पताल में किसी उपकरण में शॉर्ट सर्किट होने से यह घटना हुई। बता दें कि तीन दिन पहले ही राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष ने अस्पताल का दौरा किया था। इस दौरान भी कई तरह की अव्यवस्थाएं सामने आईं थी, जिसको लेकर उन्होंने नाराजगी जताते हुए अधीक्षक डॉ नवीन किशोरिया से हालत सुधारने के लिए कहा था।
अस्पताल अधीक्षक नवीन किशोरिया ने बताया कि इस पूरे मामले की जांच के लिए एक कमेटी बनाई गई है, जिसमें उप अधीक्षक और नर्सिंग अधीक्षक को शामिल किया गया है। मौके पर नर्सिंग स्टाफ मौजूद था या नहीं। इसकी जांच होगी। अगर लापरवाही सामने आती है तो एक्शन लिया जाएगा।