पंजाब के डेरा बाबा नानक इलाके में आगामी उपचुनाव से 36 घंटे पहले एक बड़ा विवाद सामने आया है, जब कांग्रेस समर्थकों ने 900 पेटी शराब को जब्त कर लिया। यह मामला सोमवार रात का है, जब कुछ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एक ट्रक को रोका, जिसमें शराब भरी हुई थी। कांग्रेसियों का आरोप है कि यह शराब सत्ताधारी पार्टी के एक प्रमुख नेता द्वारा भेजी गई थी। घटना के बाद समर्थक शराब से भरे ट्रक और उसके ड्राइवर को पुलिस के हवाले कर दिया।
कांग्रेस समर्थकों ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी बनाया, जिसे सोशल मीडिया पर शेयर किया गया। वीडियो में ट्रक ड्राइवर यह बताता है कि उसे यह शराब बटाला बाईपास पर छोड़नी थी, और वहां से उसे इसे रिसीव करने के बाद आगे भेज दिया जाना था। इस तरह के आरोपों ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है और इसे चुनावी हलचलों से जोड़कर देखा जा रहा है।
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने शराब की जब्ती की जांच के लिए आबकारी विभाग से संपर्क किया है। हालांकि, एडीसी डेरा बाबा नानक, राजपाल सिंह सेखों ने इस घटनाक्रम के बारे में कोई जानकारी नहीं होने की बात कही। वहीं, फतेहगढ़ चूडिया के डीएसपी ने भी कहा है कि फिलहाल इस मामले में वे कुछ स्पष्ट नहीं कर सकते। जांच के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब पंजाब में उपचुनाव की तैयारियां जोरों पर हैं, जिससे इसे राजनीतिक संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कांग्रेस के समर्थक चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने के इस प्रयास के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं और उन्होंने चुनावी निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं। यह मामला चुनाव आयोग के लिए भी चुनौती पेश कर सकता है, क्योंकि उन्होंने हाल ही में चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठाए हैं।
कुल मिलाकर, कांग्रेस समर्थकों द्वारा शराब की जब्ती और उस पर लगे आरोपों ने पंजाब की राजनीति में फिर से एक बार हंगामा खड़ा कर दिया है। यह देखना दिलचस्प होगा कि इस मामले पर अगली प्रतिक्रिया क्या होगी और क्या इसके तहत कोई कानूनी कार्रवाई होती है या नहीं। राजनीतिक इच्छाशक्ति और स्थिरता के लिए यह घटनाक्रम निश्चित रूप से महत्वपूर्ण साबित होगा।