साइंस फेस्ट 2024 में विद्यार्थियों का शानदार प्रदर्शन, सभी हुए दंग

जालंधर| इनोसेंट हार्ट्स स्कूल की लोहारां शाखा के छात्रों ने हाल ही में साइंस सिटी में आयोजित साइंस फेस्ट 2024 में अपने वैज्ञानिक कौशल का बेहतरीन प्रदर्शन किया। इस प्रतियोगिता में सीनियर वर्ग के छात्रों ने विशेष रूप से ध्यान खींचा। जानपदीक सिंह और एकम दादरा ने अपने अभिनव प्रोजेक्ट ‘द रिवर रिवाइवल’ के लिए पहले पुरस्कार की प्राप्ति की। उन्हें इस उपलब्धि के लिए ट्रॉफी के साथ-साथ 7,000 रुपए नगद भी प्रदान किए गए। यह पुरस्कार न केवल उनके परिश्रम का फल था बल्कि यह उनकी रचनात्मकता और समस्या समाधान के कौशल का भी प्रशंसा था।

वहीं दूसरी ओर, देवांश कपूर और गुरनीत कौर ने अपने प्रोजेक्ट ‘स्मार्ट स्पार्क-द आरएफआईडी इग्निटर’ के लिए पहले कंसोलेशन पुरस्कार पर कब्जा जमाया। इस उपलब्धि के लिए उन्हें ट्रॉफी और 1,000 रुपए का नगद पुरस्कार दिया गया। यह पुरस्कार छात्रों की मेहनत का परिणाम दर्शाता है और यह भी सिद्ध करता है कि युवा प्रतिभाएँ किसी भी क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकती हैं।

इस मौके पर स्कूल की प्रिंसिपल, शालू ने बाज़ीगर छात्रों और उनके मार्गदर्शक शिक्षकों की प्रशंसा की। उन्होंने छात्रों की इस विशेष उपलब्धि पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि यह केवल व्यक्तिगत हार्दिकता नहीं है, बल्कि यह पूरे विद्यालय का गर्व है। यह सफलता दिखाती है कि इनोसेंट हार्ट्स स्कूल अपने छात्रों को सृजनात्मकता एवं नवाचार के प्रति प्रोत्साहित करता है, जिससे वे आने वाले समय में और भी बड़े लक्ष्यों को प्राप्त कर सकें।

कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए शैली बौरी, जो स्कूलों की निदेशक हैं, और डॉ. अनूप बौरी, जो आईएचजीआई के चेयरमैन हैं, भी उपस्थित रहे। उनके द्वारा दिए गए समर्थन और प्रोत्साहन ने छात्रों के मनोबल को और भी ऊंचा किया।

इस तरह के आयोजनों में भागीदारी छात्रों के सोचने की क्षमता, नवोन्मेष और वैज्ञानिक अनुसंधान के प्रति उनकी रुचि को बढ़ावा देती है। यही कारण है कि ऐसे उत्सव न केवल ज्ञान के आदान-प्रदान का माध्यम हैं, बल्कि छात्रों के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस विद्यालय द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में भाग लेकर, छात्र अपने विचारों को साझा करते हैं और नए आयामों के साथ अपने विचारों को प्रस्तुत करते हैं। ये सभी उपलब्धियां सिद्ध करती हैं कि शिक्षा का असली उद्देश्य छात्रों में न केवल ज्ञान का संचार करना, बल्कि उन्हें सोचने और समस्या समाधान की कला में भी प्रशिक्षित करना है।