चंडीगढ़ में 3 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की यात्रा को देखते हुए पंजाब पुलिस ने सुरक्षा प्रबंधों को और अधिक सुदृढ़ करने की तैयारी की है। इस संदर्भ में, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एससीआरबी) मोहिनीश चावला ने सुरक्षा उपायों की योजना बनाने के लिए रोपड़ रेंज के उप पुलिस महानिरीक्षक, मोहाली के एसएसपी, जिला अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के अधिकारियों और कमांडेंट के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में मुख्यमंत्री की सुरक्षा से संबंधित विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, ताकि वीवीआईपी ड्यूटी का संचालन सुचारू रूप से किया जा सके।
सुरक्षा व्यवस्था के इस गंभीर मिशन पर चंडीगढ़ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी तथा मोहाली और पंचकूला पुलिस के प्रतिनिधि सतत निगरानी रखेंगे। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि सुरक्षा में किसी भी प्रकार की ढील नहीं होनी चाहिए और सभी प्रोटोकॉलों का कड़ाई से पालन करना आवश्यक है। इसके तहत ट्रैफिक प्रबंधन से संबंधित स्पष्ट दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं, ताकि वीवीआईपी यात्रा के दौरान सड़क पर किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
पुलिस अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि प्रत्येक वाहन की चेकिंग की जाए और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जाए। यह सुनिश्चित करने के लिए सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वीवीआईपी यात्रा के दौरान यातायात व्यवस्था सुसंगत और प्रभावी रहे। इसके साथ ही, स्थानीय पुलिस विभाग के अधिकारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया है, ताकि सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन प्रणाली को कुशलतापूर्वक संचालित किया जा सके।
सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस ने व्यापक तैयारियां की हैं और सभी जुड़े हुए विभागों के बीच अच्छे समन्वय की योजना बनाई गई है। इस यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की सुरक्षा स्थिति से निपटने के लिए एक विशेष टीम का गठन भी किया गया है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि सभी कारकों का ध्यान रखा जाए। आयोजन के समय सीधी और प्रभावी कार्य प्रणाली बनाए रखने के लिए अधिकारियों को चौकसी से काम करने का निर्देश दिया गया है।
इन सब के बीच, पंजाब पुलिस की इस मुहिम का उद्देश्य VIPs की सुरक्षा के साथ-साथ आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है। उच्च स्तरीय सुरक्षा उपायों का कड़ाई से पालन करने से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि यात्रा निर्बाध रूप से संपन्न हो तथा किसी भी असुरक्षित स्थिति का सामना न करना पड़े। इस प्रकार की तैयारियों से न केवल अधिकारियों में सतर्कता बढ़ेगी, बल्कि आम जनता में भी विश्वास जागृत होगा कि उनकी सुरक्षा का ख्याल रखा जा रहा है।