गुरदासपुर में आबकारी छापे में 10 हजार लीटर छिपी देसी शराब का खुलासा! आरोपी फरार!

गुरदासपुर में आबकारी विभाग ने एक महत्वपूर्ण अभियान के अंतर्गत बड़ी मात्रा में अवैध देसी शराब बरामद की है। यह कार्रवाई मौचपुर गांव के पास स्थित ब्यास दरिया के निकट की गई, जहां तस्करों ने 10,000 लीटर शराब को जमीन में छिपाकर रखा था। शराब की बरामदगी के समय पुलिस और आबकारी विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जब कार्रवाई शुरू की, तो तस्कर भागने में सफल हो गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत प्राथमिकी दर्ज कर ली है और जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है।

इस विशेष ऑपरेशन का नेतृत्व कर रहे आबकारी विभाग के इंस्पेक्टर, बिक्रमजीत सिंह और पंकज महाजन ने बताया कि टीम को एक गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के अनुसार, शराब तस्कर ब्यास दरिया के किनारे शराब छिपाने का काम कर रहे थे। सूचना के बाद, विभाग ने एक विशेष टीम बनाई, जिसने तेजी से कार्रवाई करते हुए न केवल बड़ी मात्रा में देसी शराब की बरामदगी की, बल्कि इस अवैध कारोबार में शामिल उपकरण भी जब्त किए। बरामद की गई सामग्री में 48 तिरपाल, 3 लोहे के ड्रम और शराब बनाने के उपकरण शामिल थे।

आबकारी विभाग ने बरामद की गई देसी शराब को मौके पर ही नष्ट कर दिया, ताकि इसे फिर से बाजार में ना आने दिया जाए। इसके अलावा, जब्त की गई अन्य सामग्रियों को भी उचित प्रक्रिया के तहत विभाग के नियंत्रण में लिया गया। इस ऑपरेशन ने न केवल क्षेत्र में अवैध शराब के व्यापार को रोकने में महत्वपूर्ण योगदान दिया, बल्कि यह भी प्रदर्शित किया कि आबकारी विभाग एवं पुलिस कानून के उल्लंघन को लेकर कितने सतर्क हैं।

आबकारी विभाग ने यह स्पष्ट किया है कि ये कार्रवाई आगे भी चलती रहेगी। विभाग की योजना है कि वह नियमित तौर पर ऐसे अभियान चलाएंगे ताकि अवैध शराब के तस्करों पर काबू पाया जा सके। संबंधित विभाग की ऐसी सक्रियता से स्थानीय समुदाय भी सकारात्मक रूप से प्रभावित होगा, जहां लोग शराब के दुष्प्रभावों और तस्करी के खिलाफ जागरूक होंगे।

इस तरह के अभियान न केवल शराब के अवैध व्यापार को रोकते हैं, बल्कि समाज में सुरक्षा और स्वस्थ वातावरण बनाने में भी मदद करते हैं। विभाग की इस अनुशासनात्मक कार्रवाई से यह स्पष्ट होता है कि विभाग किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियों के खिलाफ कठोर कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस दिशा में आगे बढ़ते हुए, विभाग ने स्थानीय नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि के बारे में सूचना दें, ताकि कार्रवाई की जा सके।