सड़क हादसे में मौत पर मोहाली में परिवार को 1.27 करोड़ मुआवजा, ट्रिब्यूनल का बड़ा फैसला!

मोहाली में एक दुखद सड़क हादसे में अपनी जान गंवाने वाले डेराबस्सी निवासी राजेश कुमार के परिवार को मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल ने 1.27 करोड़ रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। राजेश भारतीय खाद्य निगम में मैनेजर के पद पर कार्यरत थे। यह मुआवजा ट्रक के चालक, मालिक और बीमा कंपनी द्वारा संयुक्त रूप से भरा जाएगा। उल्लेखनीय है कि बीमा कंपनी ने यह दावा किया था कि ट्रक चालक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था और ट्रक के कागजात भी अधूरे थे। हालांकि, ट्रिब्यूनल ने पर्याप्त सबूत न पेश करने के कारण बीमा कंपनी का यह दावा खारिज कर दिया और सभी पक्षों को मुआवजा देने के लिए निर्देशित किया।

राजेश कुमार के परिवार ने ट्रिब्यूनल में याचिका दायर कर 3 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की थी। मृतक के परिवार में पत्नी, बेटी, मां और दृष्टिहीन भाई शामिल हैं। परिवार ने अदालत में कहा कि राजेश कुमार की मासिक आय 1,17,397 रुपये थी, जो उनके जीवनयापन का मुख्य साधन थी। ट्रिब्यूनल ने परिवार के आर्थिक संकट और मानसिक तनाव को ध्यान में रखते हुए 1 करोड़ 27 लाख रुपये मुआवजे का निर्णय लिया।

इस दुखद हादसे की घटना 20 मार्च 2024 को हुई थी, जब राजेश कुमार अपने बेटी रितिका के साथ करनाल से डेराबस्सी लौट रहे थे। जब वे दप्पर टोल प्लाजा के समीप पहुंचे, तब उनकी कार का टायर पंचर हो गया। टायर चेक करने के दौरान जैसे ही राजेश बाहर निकले, तेज रफ्तार ट्रक ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसे के दौरान ट्रक का पहिया उनके सिर पर चढ़ गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

इस प्रकरण के बाद, ट्रक चालक मौके से फरार हो गया। लेकिन राजेश की बेटी रितिका ने ट्रक का नंबर नोट कर पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। इसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए जांच प्रारंभ कर दी। ट्रिब्यूनल के फैसले ने पीड़ित परिवार को राहत प्रदान की है, जिससे उन्हें कुछ हद तक न्याय और मुआवज़ा प्राप्त हुआ है। यह केस सड़क सुरक्षा और जिम्मेदार ड्राइविंग के महत्व को भी उजागर करता है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसे न हों।

इस घटना ने न सिर्फ राजेश कुमार के परिवार को नुकसान पहुंचाया है, बल्कि यह समाज में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता की भी याद दिलाता है। सरकार और संबंधित संस्थाओं को चाहिए कि वे सड़क सुरक्षा के उपायों को और सख्त करें ताकि भविष्य में इस प्रकार की दुर्घटनाओं से बचा जा सके।