अबोहर के ढाणी कडाका सिंह गांव में रात के करीब 2 बजे एक भीषण आग लगने की घटना सामने आई है, जिसमें छह बकरियां और एक भैंस जिंदा जल गए। परिवार ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है और आरोप लगाया है कि आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी थी। इस घटना में बाड़ा मालिक मंगल सिंह भी पशुओं को बचाने के प्रयास में झुलस गए। पूर्व पंच मंगल सिंह ने बताया कि उनका पूरा परिवार उस समय किसी शादी समारोह में गया हुआ था, जबकि वह अपनी पत्नी के साथ घर पर थे।
मंगल सिंह ने बताया कि उनके बाड़े में एक बल्ब लगाकर रोशनी की गई थी और इसकी तार बाड़े के ऊपर से गुजरी थी। जब अचानक आग लगी, तो यह इतनी भयानक थी कि सभी पशु उसमें झुलसकर मारे गए। उन्होंने कहा कि उन्होंने नवजात भैंस के कटड़े को बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन इस दौरान उनका मुंह और हाथ जल गए। कटड़े को अधजली हालत में बाहर निकालते समय वे काफी घायल हो गए थे, फिर भी उन्होंने उसे बचाने की पूरी कोशिश की।
आग लगने की आहट सुनकर मंगल सिंह का भाई गुरनाम भी मौके पर पहुंच गया। उसने बताया कि जब मंगल सिंह कटड़े को निकालने में लगे थे, तब वह बेहोश हो गए थे। अगर गुरनाम जल्दी नहीं पहुंचता, तो मंगल सिंह भी बाड़े में रहकर जल जाते। इस घटना के बाद गांव के सरपंच सुखविंदर सिंह बब्बू और पूर्व पंच प्रीतम सिंह समेत कई ग्रामीण स्थिति का जायजा लेने के लिए मौके पर पहुंचे।
घटना के बाद ग्रामीणों में दु:ख और शोक का माहौल फैल गया। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए, ताकि वे इस हादसे से उभर सकें। पशुओं की इस विनाशकारी घटना ने न केवल परिवार को आर्थिक नुकसान पहुंचाया है, बल्कि उनके लिए भावनात्मक क्षति भी है। इस मामले में प्रशासन को शीघ्र कार्रवाई करने की आवश्यकता है ताकि ऐसे हादसों से बचा जा सके।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि बाड़े में सुरक्षा उपायों का पालन नहीं किया गया था। वे मानते हैं कि शॉर्ट सर्किट जैसी समस्याओं को रोकने के लिए उचित देखभाल और सावधानी बरती जानी चाहिए। अब ताजा घटनाक्रम ने उन्हें सचेत किया है कि पशुपालन में एहतियात बरतना बेहद आवश्यक है। इस घटना ने न केवल परिवार के सदस्यों बल्कि पूरे गांव के लोगों को सोचने पर मजबूर किया है कि उन्हें अपनी बागवानी और पशुपालन की सुरक्षा के लिए क्या-क्या बदलाव करने होंगे।