अमृतसर में BRTS प्रोजेक्ट को कैबिनेट मंत्री धालीवाल ने दी हरी झंडी, 1500 कर्मचारियों को राहत!

अमृतसर में बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (BRTS) परियोजना एक बार फिर से जीवंत हो गई है। यह परियोजना 23 जुलाई 2023 को अचानक बंद कर दी गई थी, जिसके बाद से स्थानीय निवासियों और कर्मचारियों ने इसका पुनः शुभारंभ करने की मांग उठाई थी। आज, अमृतसर के इंडिया गेट नारायणगढ़ से इस परियोजना को फिर से शुरू करने की औपचारिक घोषणा की गई है, जिससे न केवल 1500 कर्मचारियों को राहत मिलेगी, बल्कि 25 लाख अमृतसर निवासियों के लिए भी यह एक सकारात्मक बदलाव साबित होगा।

कैबिनेट मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने इस प्रोजेक्ट के फिर से शुरू होने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि चुनाव में उनके संपर्क में आने वाले लोगों ने इस परियोजना को फिर से लाने की मांग की थी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस सिस्टम का संचालन करने वाली कंपनी ने डेढ़ साल पहले इसे छोड़ दिया था, जिससे सरकार के लिए समस्याएं उत्पन्न हुईं। अब नगर निगम इसे संचालित करेगा, जिससे आगे की बाधाओं को समाप्त करने की उम्मीद है।

बीआरटीएस के तहत 85 बसें वर्तमान में शहर से बाहर धूल फांक रही हैं। मंत्री के अनुसार, शुरुआत में 10 से 15 बसों को ट्रायल के तौर पर चलाया जाएगा, जबकि अन्य बसों की मरम्मत की जा रही है। इन बसों को जल्द ही सड़कों पर चलाने की योजना बनाई गई है। इससे न केवल बेरोजगारी की समस्या को हल किया जाएगा, बल्कि शहर के यातायात में भी सुधार होगा।

19 जुलाई 2023 को इस परियोजना को बिना किसी पूर्व सूचना के बंद कर दिया गया था, जिससे लगभग 1500 कर्मचारी बेरोजगार हो गए थे। इनमें ड्राइवर, टिकट कलेक्टर, क्लीनर और मैकेनिक शामिल हैं। इस स्थिति के बाद, बीआरटीएस एकता यूनियन के सदस्य लगातार सरकार से मिलकर अपनी मांगें रख रहे थे, लेकिन पहले कोई उचित प्रतिक्रिया नहीं मिली थी। अमृतसर में यह प्रोजेक्ट ‘स्मार्ट सिटी’ योजना का हिस्सा है, जिसे सुखबीर सिंह बादल का ड्रीम प्रोजेक्ट माना जाता है।

सरकार ने प्रारंभ में इसे घाटे का सौदा बताकर बंद किया था, जबकि बीआरटीएस की यूनियन के नेताओं का तर्क है कि इसका दैनिक उपयोग करने वाले यात्री संख्या लगभग 55 से 60 हजार तक है। इससे शहर में ट्रैफिक की समस्या भी बढ़ गई थी, क्योंकि इसकी बंदी के बाद शहर में परिवहन का कोई अन्य विकल्प नहीं रह गया था। इस बार फिर से बीआरटीएस को शुरू करने से न केवल ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार होगा, बल्कि यह अमृतसर के निवासियों के लिए राहत प्रदान करेगा।