बठिंडा में पुलिस ने नशा तस्करी के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिसके पास से देसी पिस्टल और दो जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं। यह आरोपी क्षेत्र में नशे की बिक्री करता था और सुरक्षा की दृष्टि से उसने यह हथियार खरीदा था। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान गुरप्रीत सिंह के तौर पर हुई है, जो फूलों खारी गांव का निवासी है।
पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में पता चला है कि गुरप्रीत ने असला मध्य प्रदेश से मंगवाया था, और उसके लिए उसने गांव में रहने वाले एक युवक की मदद ली थी। इस युवक के माध्यम से वह अवैध हथियार हासिल कर सका। गुरप्रीत का आरोप है कि उसके गांव में कुछ लोग उसे नशा बेचने से रोकते थे, जिस वजह से उसकी कई बार उनसे नोकझोंक हुई थी। इस तनाव की स्थिति को देखते हुए उसने अपनी सुरक्षा के लिए हथियार का सहारा लिया।
गुरप्रीत सिंह का नाम पहले भी नशे के कारोबार से जुड़ा हुआ था। पुलिस का मानना है कि उसकी गिरफ्तारी से न केवल उसके खिलाफ कार्यवाही होगी, बल्कि इससे इलाके में नशे की तस्करी पर भी लगाम लगेगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नशे के खिलाफ उनकी मुहिम जारी रहेगी और इस तरह के मामलों में सख्ती से निपटा जाएगा।
इस गिरफ्तारी के बाद, पुलिस स्थानीय लोगों को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान भी चलाने की योजना बना रही है। पुलिस समुदाय से अपील कर रही है कि वे नशे के कारोबार के खिलाफ आवाज उठाएं और ऐसे तत्वों की सूचना पुलिस को दें। इस तरह की सूचना न केवल पुलिस के काम को आसान करेगी, बल्कि स्थानीय समुदाय को भी सुरक्षित रखने में मदद करेगी।
इस मामले में पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशे के व्यापारियों के खिलाफ ठोस कदम उठाए जाएंगे। गुरप्रीत की गिरफ्तारी न सिर्फ एक व्यक्ति को पकड़ने की कार्रवाई है, बल्कि यह समाज में मौजूद नशे के खतरे को उजागर करती है। पुलिस ने बताया कि वे अब और अधिक सतर्कता बरतेंगे और नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करेंगे।
इस प्रकार बठिंडा में पुलिस की सक्रियता नशे के खिलाफ एक महत्वपूर्ण पहल है, जो न केवल अपराध पर नियंत्रण के लिए जरूरी है, बल्कि युवा पीढ़ी को नशे की गिरफ्त से बचाने की दिशा में भी एक कदम है। 경찰 का कहना है कि वे इस मामले पर और भी विस्तार से जाँच करेंगे और जो भी लोग इस कारोबार में शामिल हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।