चंडीगढ़ में मासूम बच्ची से हैवानियत: दूध लेने गई मां, पिता ड्यूटी पर, अंकल पर आरोप!

चंडीगढ़ में एक बेहद चिंताजनक मामला सामने आया है, जिसमें तीसरी कक्षा की एक छात्रा के साथ छेड़छाड़ की गई। बताया जा रहा है कि आरोपी, बच्ची के परिवार का जानकर था, जिसके चलते वह बिना किसी रुकावट के बच्ची के घर में घुस सका। घटना से बच्ची को गंभीर मानसिक आघात पहुंचा है, जिससे वह अत्यधिक डरी हुई है। जब उसकी मां ने उससे पूछताछ की, तो बच्ची ने बताया कि आरोपी उसे गलत तरीके से छू रहा था और उसे किस कर रहा था।

पुलिस के अनुसार, यह घटना आईटी पार्क थाना क्षेत्र के अंतर्गत घटित हुई, जब बच्ची घर पर अकेली थी। उसकी माँ दूध लेने गई थीं और पिता ड्यूटी पर थे। इसी मौके का फायदा उठाकर आरोपी घर में घुस आया और बच्ची के साथ छेड़छाड़ करने लगा। हालांकि, बच्ची की मां की समय पर घर लौटने के कारण आरोपी मौके से फरार हो गया। जब मां ने बच्ची को डर के मारे देखा, तो उसने सारी घटना बताई। बच्ची का आरोपी के घर के पास रहना और उसके साथ का जान-पहचान होना इस घटना को और भी गंभीर बनाता है।

मामले की जानकारी मिलने के बाद, बच्ची के परिजनों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। आईटी पार्क थाना पुलिस ने शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है। फोरेंसिक टीम ने आरोप के सबूत जुटाने के लिए现场 से आरोपी के फिंगर प्रिंट और अन्य नमूने लिए हैं। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि आरोपी की उम्र लगभग 35 वर्ष है और फिलहाल वह जीरकपुर में निवास करता है। उल्लेखनीय है कि कुछ समय पहले आरोपी पीड़ित बच्ची के आसपास के क्षेत्र में ही निवास करता था और प्राइवेट नौकरी करता था।

पुलिस ने बच्ची का मेडिकल कराया है और उसकी रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। इस मामले में एसएचओ जुलदान सिंह ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम का गठन किया है। टीम ने आरोपी के संभावित ठिकानों पर छापेमारी करना शुरू कर दिया है। पुलिस का कहना है कि वे जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार करने में सफल होंगे। यह मामला न केवल बच्चे की सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह समाज में बढ़ते अपराधों के प्रति भी जागरूकता फैलाने का काम करता है।

इस घटना के बाद स्थानीय समुदाय में भी आंक्रोश देखा जा रहा है, और लोग इस प्रकार की घिनौनी हरकतों के खिलाफ आवाज उठाने के लिए तैयार हैं। पुलिस द्वारा की जा रही कार्रवाई के साथ ही समाज के हर वर्ग से अपील की जा रही है कि ऐसे मामलों के प्रति सचेत रहे और संदिग्ध परिस्थितयों की तुरंत सूचना दें। बच्ची को न्याय दिलाने तथा ऐसे अपराधों को रोकने के लिए यह न केवल पुलिस, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य बनता है।