पंजाब के अबोहर में आज दोपहर एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हुआ, जिसमें गोपीचंद आर्य महिला कॉलेज के एक कंप्यूटर साइंस के प्रोफेसर की जान चली गई। यह दुःखद घटना हनुमानगढ रोड़ पर उस समय हुई जब 35 वर्षीय सुधीर रोहिला, जो जींद हरियाणा के गांव अलेवा के निवासी थे, अपनी कॉलेज ड्यूटी पर जा रहे थे। उनके बाइक या बस से गिरने की संभावनाओं पर अभी तक कोई ठोस जानकारी उपलब्ध नहीं है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सुधीर रोहिला निजी कॉलेज में प्रोफेसर के रूप में कार्यरत थे और हाल ही में वह छुट्टियों के बाद कॉलेज लौट रहे थे। इस दौरान एक ट्रैक्टर ट्राली, जो ईंटों से लदी हुई थी, के नीचे आ जाने से उनकी मौत हो गई। गंभीर स्थिति में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन दुर्भाग्यवश चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने घटना स्थल पर पहुंचकर ट्रैक्टर ट्राली को अपने कब्जे में ले लिया और मामले की जांच शुरू कर दी है।
घटना के तुरंत बाद कॉलेज प्रशासन के सदस्यों ने अस्पताल जाकर मृतक प्रोफेसर के परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। गोपीचंद आर्य महिला कॉलेज की प्राचार्य डॉ. रेखा सूद और अन्य स्टाफ के सदस्य इस हादसे की सूचना सुनते ही अस्पताल पहुंच गए और उन्होंने इस दुखद समाचार पर गहरा शोक व्यक्त किया। कॉलेज के सभी सदस्यों ने एकजुट होकर इस क्षति को अत्यंत दुखद बताया और उनकी विदाई को लेकर शोक प्रकट किया।
इस हादसे ने न सिर्फ कॉलेज के स्टाफ को बल्कि पूरे शैक्षणिक समुदाय को स्तब्ध कर दिया है। सुधीर रोहिला की अनुपस्थिति को महसूस किया जाएगा, और उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जाएगा। स्थानीय पुलिस की टीम मामले की गहन जांच कर रही है ताकि हादसे के सही कारणों का पता लगाया जा सके। इस प्रकार के घटनाओं के बाद आम जनमानस और प्रशासन के बीच सुरक्षा को लेकर चिंताओं का उठना स्वाभाविक है।
इस हादसे ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता फैलाने की आवश्यकता है। हरियाणा और पंजाब के नागरिकों को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि जब भी वे ट्रैफिक में हों, तो सभी सुरक्षा नियमों का पालन करें। इस तरह के दुखद हादसे हमारे समाज में चेतना लाने का कार्य करते हैं, और हमें सावधान रहने की प्रेरणा देते हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।