पंजाब में हो रहे निकाय चुनावों के बीच, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्यपाल को एक पत्र भेजकर आम आदमी पार्टी (AAP) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि AAP सरकार राज्य की मशीनरी का दुरुपयोग कर रही है और चुनावी प्रक्रिया को बुरी तरह प्रभावित कर रही है। आरोप है कि विरोधी उम्मीदवारों को मानसिक दबाव बनाया जा रहा है। इसके साथ ही, पटियाला में एक प्रत्याशी को नामांकन भरने के बाद अवैध रूप से गिरफ्तार कर लिया गया, जो इस स्थिति की गहन चिंता को दर्शाता है।
भाजपा ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि आगामी नगर निकाय चुनावों का आयोजन स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से किया जाना चाहिए। पार्टी के नेताओं के अनुसार, राज्य सरकार, जोकि राजनीतिक ज्वार की लहर पर सवारी कर रही है, अनुचित तरीके से चुनावी मशीनरी का प्रयोग कर रही है। इस तरह की गतिविधियाँ ना केवल लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर करती हैं, बल्कि इससे आम जनता का चुनावी प्रक्रिया पर भरोसा भी खत्म होता जा रहा है। भाजपा के नेताओं ने दावे किए हैं कि पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में विपक्षी उम्मीदवारों के नामांकन पत्र फाड़े जा रहे हैं और उन्हें रिटर्निंग ऑफिसर (आरओ) के कार्यालय में दाखिल करने से भी रोका जा रहा है।
भाजपा ने यह भी बताया कि पिछले पंचायत चुनावों के दौरान भी ऐसी ही घटनाएँ देखने को मिली थीं, जहाँ व्यापक हिंसक गतिविधियाँ हुई थीं। वर्तमान चुनावों में ऐसी समस्याओं के बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। पत्र में लिखा गया है कि विपक्षी उम्मीदवारों को घातक परिणाम भुगतने की धमकी दी जा रही है, और पुलिस अधिकारियों की सहायता से झूठे मामले दर्ज कराए जा रहे हैं। इस प्रकार की स्थिति साफ तौर पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया का उल्लंघन है, जो कि चुनावी निष्पक्षता को समाप्त करता है।
विशेषत: पटियाला में, गौतम सूद नामक एक उम्मीदवार को नामांकन पत्र दाखिल करते समय अवैध रूप से गिरफ्तार किया गया। यह गिरफ्तारी पुलिस विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी द्वारा की गई, लेकिन इसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। भाजपा नेताओं ने राज्यपाल से अनुरोध किया है कि वे इस मामले में हस्तक्षेप करें। उनका कहना है कि नगर निकाय चुनावों को निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ कराया जाना अत्यंत आवश्यक है।
भाजपा ने राज्य सरकार से मांग की है कि नामांकन प्रक्रिया से लेकर चुनावी प्रक्रिया तक सुरक्षा बलों की तैनाती सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी प्रकार की हिंसा या धमकी का सामना न करना पड़े। साथ ही, सभी गतिविधियों की वीडियोग्राफी कराई जा सके, ताकि जवाबदेही और पारदर्शिता बनी रहे। भाजपा ने यह भी कहा है कि किसी भी आधारहीन कारण से नामांकन पत्रों को खारिज नहीं किया जाना चाहिए और पक्षपाती अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। इस बीच, पार्टी ने राज्य सरकार से चुनाव अवधि के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के संबंध में विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी है।